दिल्ली-हैदराबाद दौरे से लौटे मुख्यमंत्री साय ने कहा : 9,580 करोड़ के निवेश संबंधी समझौते हुये, राज्य में इससे रोजगार के नये अवसर खुलेंगे।

रायपुर : राज्य में नये रोजगार के अवसरों को लेकर सरकार अपने कार्य लगातार कर रही है, वहीं आपको बता दें कि दिल्ली और हैदराबाद दौरे से लौटे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश में निवेश और विकास को नई गति देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हैदराबाद में आयोजित नेशनल कनेक्ट कार्यक्रम के दौरान विभिन्न उद्योग समूहों के साथ करीब 9,500 करोड़ रुपये के निवेश संबंधी एमओयू (समझौता ज्ञापन) हुए हैं।

इसको लेकर मुख्यमंत्री ने कहा है कि इन निवेश प्रस्तावों के धरातल पर उतरने से छत्तीसगढ़ में टेक्सटाइल, फार्मा और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों का तेजी से विस्तार होगा। इससे प्रदेश के हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं के माध्यम से 7,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।

मुख्यमंत्री साय ने अपने दौरे की जानकारी देते हुए कहा है कि वे 10 जून को आयोजित एनडीए की बैठक में शामिल हुए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लंबे कार्यकाल का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। प्रदेश की तीन करोड़ जनता की ओर से उन्होंने प्रधानमंत्री को बधाई एवं शुभकामनायें दीं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 11 जून को आयोजित नीति आयोग की बैठक में देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुये थे। इस दौरान छत्तीसगढ़ को अपनी योजनाओं, नवाचारों और बेहतर कार्यप्रणालियों को प्रस्तुत करने का अवसर मिला। राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिल रही है। छत्तीसगढ़ ने निवेश आकर्षित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। हैदराबाद में आयोजित ‘छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट’ कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों की सात प्रमुख कंपनियों ने 9,580 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए हैं, जिनसे 7,800 से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने देश के प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा विकसित भारत के ग्रोथ इंजन के रूप में छत्तीसगढ़ तेजी से उभर रहा है और राज्य में निवेशकों के लिए ‘रेड कारपेट’ बिछा हुआ है। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन सहित दक्षिण भारत के कई बड़े उद्योगपति, निवेशक और कारोबारी प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु के साथ-साथ जापान और दक्षिण कोरिया में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

राज्य में उद्योगों के लिए आसान प्रक्रियाएं, सिंगल विंडो व्यवस्था, बेहतर बुनियादी सुविधाएं और उद्योग अनुकूल नीतियां उपलब्ध हैं। उन्होंने निवेशकों को छत्तीसगढ़ में उद्योग स्थापित करने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हैदराबाद ने आईटी, फार्मा, बायोटेक्नोलॉजी और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। छत्तीसगढ़ भी इन क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है और दोनों राज्यों के उद्योगपति एवं उद्यमी मिलकर नए अवसरों का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि मध्य भारत में स्थित छत्तीसगढ़ देश का सबसे उपयुक्त लॉजिस्टिक हब बनने की क्षमता रखता है। छत्तीसगढ़ सात राज्यों से घिरा हुआ है और 60 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं तक सीधी पहुंच प्रदान करता है।

रेलवे नेटवर्क, भारतमाला परियोजना, एयर कार्गाे सुविधाओं तथा खनिज संसाधनों की उपलब्धता उद्योगों के लिए इसे अत्यंत अनुकूल बनाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश में ग्रीन स्टील को बढ़ावा देने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है। ऊर्जा क्षेत्र में राज्य को 3.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे प्रदेश देश के प्रमुख पावर हब के रूप में उभर रहा है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सात प्रमुख कंपनियों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए ‘इन्विटेशन टू इन्वेस्ट’ (ऑफर लेटर) प्रदान किए।