दो हिस्सों में टूट गया पुल, बीच में फंसी यात्रियों से भरी बस, सामने आई खौफनाक घटना।

बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के कई जिलों में भारी बारिश हो रही है, लगातार बारिश से नदी नाले उफान पर है। भारी बारिश के कारण बाढ़ के हालात बने हुये हैं। इसी दौरान रविवार को गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के बांसाझाल में रविवार को बड़ा हादसा टल गया। बिलासपुर-रतनपुर-पेंड्रा मार्ग पर स्थित जर्जर पुल अचानक दो हिस्सों में टूट गया। उसी दौरान पुल से गुजर रही यात्रियों से भरी बस बीच में फंस गई। हालांकि ड्राइवर की समझदारी के कारण बड़ा हादसा टल गया और किसी यात्री को चोट नहीं आई।

राहत की बात यह रही कि बस नदी में नहीं गिरी और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। पुल टूटने के बाद इस मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। जानकारी मिलते ही प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई है। जानकारी के अनुसार, यह पुल पहले से ही जर्जर था और लगातार हो रही बारिश के कारण यह पूरी तरह से टूट गया। लम्बे समय से यह जर्जर था, जिसकी मरम्मत नहीं की गई थी, इसको लेकर बीएस चालक ने बताया है कि जैसे ही बस पूल पर पहुंची और पूल धसकने लगा।

बीच में फंस गई थी बस :

यह हादसा रविवार दोपहर बिलासपुर-रतनपुर-पेंड्रा मार्ग पर बांसाझाल स्थित पुल पर हुआ। जब बस गुजर रही थी तभी अचानक पुल दो हिस्सों में टूटकर ढह गया। इस दौरान पुल से गुजर रही एक यात्री बस टूटे हुए हिस्से के बीच फंस गई। पुल टूटने से बिलासपुर का पेंड्रा, गौरेला, अमरकंटक के साथ-साथ मध्य प्रदेश के जबलपुर, शहडोल और छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ से सीधा संपर्क टूट गया है।

नीचे का स्लैब बहा :

प्रत्यक्षदर्शियों और बस के सहचालक (कंडक्टर) का कहना है कि यात्री बस जैसे ही बांसाझाल पुल के बीच पहुंची, तभी अचानक तेज धमाके के साथ पुल का स्लैब धंस गया और देखते ही देखते पुल दो हिस्सों में बंट गया और बस टूटे हुए हिस्से के किनारे पर जाकर अटक गई. घटना से बस में सवार यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। हालांकि बस खाई में गिरने से बच गई, इसके बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, हालांकि बस ड्राइवर की समझदारी के कारण बड़ा हादसा टल गया। यात्री बस से लोगों को सुरक्षित निकाला गया। वहीं, ड्राइवर के समझदारी की लोग तारीफ कर रहे हैं। इस हादसे के कारण मनेंद्रगढ़ से बिलासपुर, पेंड्रा, गौरेला और अमरकंटक के साथ-साथ पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के जबलपुर का सीधा संपर्क भी कट गया है और सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई। कई यात्री बसें और मालवाहक वाहन रास्ते में ही फंस गये।