बाप-बेटी के काले कारनामों से परेशान होकर थानेदार ने दी जान, बेटी बनती थी सम्बन्ध और बाप करता था ऐसा काम….।

बस्ती (उ.प्र.) : जिले में बाप – बेटी का चौंकाने वाला सामने आया है, जिन्होंने मिलकर ना जाने कितनों का जीवन बर्बाद किया है। मामला है वाल्टरगंज थाने के प्रभारी सूर्य प्रकाश सिंह की मौत के बाद एक कथित हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में 32 साल की प्रियंका चौधरी, उसके पिता राम नयन चौधरी और अधिवक्ता विजय प्रकाश यादव को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, प्रियंका कथित तौर पर लोगों से नजदीकी बढ़ाकर उनकी निजी तस्वीरें और वीडियो हासिल करती थी और इसके बाद इन्हीं तस्वीरों और वीडियो के जरिए पिता और वकील पर कथित तौर पर ब्लैकमेलिंग और वसूली करने का आरोप लगा है, जिसके बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क ने कितने लोगों को अपना निशाना बनाया था।

सामने आये में जो खुलासा हुआ है उसके अनुसार बस्ती में 56 साल के थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह ने हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर आत्महत्या किया था। पुलिस ने रविवार दोपहर आरोपी महिला, उसके पिता और वकील को गिरफ्तार किया है। महिला लोगों को प्रेम जाल में फंसाती थी। उन्हें वीडियो कॉल करती थी, फिर उनसे चैटिंग में अश्लील बातें करती थी और फिर ब्लैकमेल कर पैसे ऐंठती थी, उसने ब्लैकमेलिंग में फंसे लोगों से शारीरिक सम्बन्ध बनाकर विडियो भी बनाये थे। वहीँ इस मामले में भी आरोपी महिला ने थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश के साथ भी शारीरिक संबंध बनाए, फिर उन्हें ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। उनसे 1 करोड़ रुपए की मांग करने लगी। पैसे नहीं देने पर हाथ की नस काटने की धमकी दे रही थी। पुलिस को उसके पास से बोलेरो और 3 मोबाइल मिले हैं। पुलिस ने तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।

सामने आया ये पूरा मामला :

वाल्टरगंज के थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह मूल रूप से आजमगढ़ के भीलमपुर छपरा गांव के रहने वाले थे। वह 4 साल बाद रिटायर होने वाले थे। परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा और दो बेटियां हैं। बड़ा बेटा संदीप सिंह (30) है। सूर्य प्रकाश सिंह सिद्धार्थनगर से ट्रांसफर होकर बस्ती आए थे। पहले यहां पुलिस लाइन में उन्हें तैनाती मिली थी। उन्हें 18 अप्रैल, 2026 को उन्हें वाल्टरगंज थाने का इंचार्ज बनाया गया था। 29 अगस्त को वह कलेक्ट्रेट के पास स्थित अपने सरकारी घर में फंदे से लटके हुये मिले थे। उन्होंने आत्महत्या से पहले वाट्सएप पर एक स्टेटस लगाया था। इसमें लिखा था- धन-संपदा भी आवश्यक है, परंतु शांति और प्रेम से बढ़कर कुछ भी नहीं है।

पुलिस ने तीनों को सदर अस्पताल के सामने से पकड़ा :

डीआईजी संजीव त्यागी ने बताया कि आरोपी प्रियंका चौधरी, उसके पिता रामनयन चौधरी और वकील विजय प्रकाश को रविवार सुबह सदर अस्पताल के सामने से गिरफ्तार किया गया गया है। पुलिस को घरवालों से पूछताछ, सर्विलांस और सीडीआर की जांच में पता चला कि थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह तीनों आरोपियों के संपर्क में थे। वकील विजय प्रकाश ब्लैकमेलिंग की रकम वसूलता था। इसके अलावा पुलिस ने बताया है कि वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के गांधार में रहने वाली 32 साल की प्रियंका चौधरी का अपने पति से 10 साल पहले अलगाव हो गया था। प्रियंका मुंबई में ब्यूटी पार्लर और स्पा सेंटरों में काम करती थी। वह पैसे वाले लोगों को अपने प्यार के जाल में फंसाती थी। इसके बाद उनके वीडियो और ऑडियो बना लेती थी। फिर वाट्सऐप, वीडियो कॉल और चैटिंग के जरिए उन्हें ब्लैकमेल कर रुपए की मांगती थी।

हाथ की नस काटने का नाटक कर लोगों को डराती थी :

पुलिस के मुताबिक, प्रियंका जाल में फंसाए गए लोगों को वीडियो कॉल करती थी। उन्हें अपने हाथ की नस काटकर खून निकलने का सीन दिखाती थी, जिससे सामने वाला डर जाता था। इस तरह लोगों को डराकर मोटी रकम वसूलती थी। इसमें प्रियंका के पिता रामनयन चौधरी और वकील विजय प्रकाश यादव उसका साथ देते थे। दोनों ब्लैकमेलिंग की रकम वसूलते थे। वसूली गई रकम में प्रियंका के अलावा उन्हें भी हिस्सा मिलता था। जांच में यह बात भी सामने आई कि आरोपियों ने अन्य तीन लोगों से भी 24 लाख रुपए वसूले थे। इनके शिकार में एक डॉक्टर भी शामिल है। वाल्टरगंज थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह आरोपियों के चौथे शिकार थे। पुलिस अब गिरोह के संपर्क में आए अन्य लोगों की भी जानकारी जुटा रही है।

एक ही क्षेत्र में होने से थानाध्यक्ष प्रियंका के जाल में फंसे :

थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह की तैनाती वाल्टरगंज में थी। इसी इलाके में प्रियंका भी रहती थी। प्रियंका ने वाल्टरगंज थाने में अपने पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। प्रियंका इसी मुकदमे के सिलसिले में सूर्य प्रकाश सिंह के पास आई थी। फिर धीरे-धीरे प्रियंका और सूर्य प्रकाश सिंह की आपस में अच्छी दोस्ती हो गई थी। फिर पहले दोनों मिलने लगे और फिर रिलेशनशिप में आ गये। इसके बाद प्रियंका ने सूर्य प्रकाश सिंह को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। वहीँ घटना वाले दिन (29 अगस्त) दोपहर 1:41 बजे प्रियंका के वकील विजय प्रकाश की थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह से फोन पर बात हुई थी। उसने 1 करोड़ रुपए की डिमांड की थी। सूर्य प्रकाश सिंह इतना पैसा अरेंज नहीं कर पा रहे थे। इसीलिए रुपए देने से पहले उन्होंने सुसाइड कर लिया। वहीं, थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह के बेटे संदीप सिंह का कहना है आरोपियों को कड़ी सजा मिले। इस तरह के हनीट्रैप के मामले लगातार सामने आने लगे है, जिससे आम आदमी ब्लैकमेलिंग का शिकार हो रहा है।