बलरामपुर : जिले में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार और गैरकानूनी खेती के खिलाफ चलाये जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत पुलिस प्रशासन ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए त्वरित कार्यवाही को अंजाम दिया है, पुलिस लगातार नशे के कारोबारियों पर शिकंजा कस रही है। बरियों चौकी पुलिस ने राजस्व अमले और स्थानीय पटवारी से प्राप्त पुख्ता सूचना के आधार पर ग्राम खुखरी के रखैतपारा क्षेत्र में योजनाबद्ध दबिश देकर 112 नग गांजे के हरे और विकसित पौधे जब्त किए हैं। इस सघन अभियान के दौरान मौके से मुख्य आरोपी को हिरासत में लेकर कानूनी शिकंजे में कस लिया गया है। बरामद किए गए इन नशीले पौधों का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 3 लाख 50 हजार रुपये आंका गया है।
पटवारी के इनपुट पर त्वरित घेराबंदी, खेत में दबिश देकर किया भंडाफोड़ :
नशे के अवैध कारोबार पर नकेल कसने के लिए पुलिस और स्थानीय प्रशासन के बीच स्थापित सूचना तंत्र इस पूरे घटनाक्रम में बेहद कारगर साबित हुआ। ग्राम खुखरी के रखैतपारा क्षेत्र में अन्य सामान्य फसलों और बाड़ियों की आड़ लेकर गांजे की अवैध खेती किए जाने की गोपनीय सूचना हल्के के पटवारी द्वारा पुलिस प्रशासन को दी गई थी। सूचना मिलते ही बरियों चौकी प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस बल की एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने रणनीति बनाकर संदिग्ध स्थल की चारों तरफ से घेराबंदी की और मौके पर औचक दबिश दी, जिससे किसी भी संदिग्ध को साक्ष्य नष्ट करने का मौका नहीं मिला।
112 नग विकसित पौधे बरामद, अनुमानित बाजार मूल्य 3.50 लाख रुपये :
पुलिस दल द्वारा मौके पर किए गए विस्तृत निरीक्षण के दौरान बाड़ी में सुनियोजित ढंग से रोपे गए 112 नग गांजे के पौधे पाए गए, जो पूरी तरह विकसित होकर कटाई की स्थिति में पहुंच रहे थे। पुलिस ने राजस्व अमले की उपस्थिति में वैधानिक पंचनामा तैयार कर सभी पौधों को उखाड़कर विधिवत रूप से जब्त कर लिया। आबकारी व नारकोटिक्स विशेषज्ञों के प्राथमिक आकलन के अनुसार, जब्त किए गए इन पौधों की कुल कीमत लगभग 3.50 लाख रुपये है। जब्ती के तुरंत बाद पुलिस ने आवश्यक दस्तावेजी और साक्ष्य संकलन की कानूनी कार्यवाही पूरी की।
आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण, नेटवर्क को ठप्प करने की तैयारी :
मौके से पकड़े गए आरोपी के विरुद्ध स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ (NDPS) अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर औपचारिक गिरफ्तारी की गई है। हालांकि पूछताछ के दौरान आरोपी द्वारा शुरुआत में अपनी संलिप्तता से इंकार करने का प्रयास किया गया, परंतु मौके से मिले प्रत्यक्ष साक्ष्यों और जब्ती के बाद उसका यह इंकार बेअसर साबित हुआ। पुलिस प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्य स्थानीय स्तर पर मादक पदार्थों की आपूर्ति व्यवस्था को पूरी तरह ठप्प करना है।
मोबाईल डेटा व ऑनलाईन लेन-देन की जांच, अंतर्राज्यीय सिंडिकेट के तारों की पड़ताल :
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से तफ्तीश कर रही है। आरोपी के कब्जे से बरामद मोबाईल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) और उसके बैंक खातों के ऑनलाईन लेन-देन के विवरण को तकनीकी टीम द्वारा खंगाला जा रहा है। जांच अधिकारी इस बात की पड़ताल में जुटे हैं कि अवैध रूप से तैयार किया जाने वाला यह गांजा केवल स्थानीय स्तर पर खपाया जाना था या फिर इसके तार किसी बड़े अंतर्राज्यीय नशा तस्कर गिरोह से जुड़े हुए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच का दायरा विस्तृत किया जा रहा है और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कठोर वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।



