बलरामपुर : जिले के डवरा थाना क्षेत्र अंतर्गत भीतर चिल्मा के उबका जंगल में कुछ दिन पूर्व मिली अज्ञात युवक की सिर कटी लाश के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने औपचारिक खुलासा कर दिया है। इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने त्वरित वैधानिक कार्यवाही अमल में लाई है और हत्याकांड के मुख्य आरोपी दंपत्ति—सोनू खैरवार और उसकी पत्नी मनबासो—को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस द्वारा की गई विस्तृत विवेचना में यह तथ्य सामने आया है कि यह पूरा मामला अवैध प्रेम प्रसंग और गृहक्लेश से जुड़ा हुआ था, जिसके चलते युवक को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची गई थी। मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य नष्ट करने की संगीन धाराओं के तहत मुकद्दमा दर्ज किया है।
जंगल में मक्के के खेत के पास मिली थी सिर कटी क्षत-विक्षत लाश :
पुलिस द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 3 अक्टूबर को भीतर चिल्मा स्थित उबका जंगल में मक्के के खेत के समीप ग्रामीणों ने एक युवक का सिर कटा शव देखा। सिर धड़ से अलग था और घटनास्थल पर मृतक का धड़ मौजूद नहीं था। इसी के साथ घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर लावारिस हालत में एक स्कूटी भी बरामद की गई थी। आरंभिक चरण में मृतक की पहचान न होने के कारण शिनाख्त की प्रक्रिया लगभग ठप्प नजर आ रही थी।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच दल गठित किया गया। पुलिस टीम ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए आसपास के थानों और निकटवर्ती क्षेत्र के साथ-साथ अंतर्राज्यीय सीमावर्ती क्षेत्रों की ऑनलाईन गुमशुदगी पंजिकाओं का मिलान शुरू किया। इसी पड़ताल के दौरान 2 अक्टूबर की शाम से संदेहास्पद परिस्थितियों में लापता हुए वसीम अंसारी के बारे में अहम जानकारी सामने आई। इसके बाद परिजनों को बुलाकर स्कूटी व शारीरिक चिह्नों के आधार पर बरामद सिर की शिनाख्त वसीम के रूप में सुनिश्चित की गई।
मोबाईल सीडीआर और सर्विलांस से संदिग्ध दंपत्ति तक पहुंची पुलिस :
मृतक की पहचान स्थापित होने के तुरंत बाद पुलिस ने जांच की दिशा को वसीम के संपर्कों की ओर मोड़ा। पुलिस की तकनीकी शाखा ने वसीम के मोबाईल फोन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (सीडीआर) की गहन जांच शुरू की। कॉल डिटेल और लोकेशन की लाईन खंगालने पर पुलिस को ग्राम चिल्मा निवासी सोनू खैरवार और उसकी पत्नी मनबासो की संदिग्ध गतिविधियों का सुराग मिला। घटना के दिन मृतक के मोबाईल पर मनबासो से बातचीत होने के डिजिटल साक्ष्य मिले।
संदेह गहराने पर पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। प्राथमिक पूछताछ में आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता से साफ इंकार किया, लेकिन कड़ाई से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के सम्मुख वे टूट गए। आरोपियों के इकबालिया बयान के आधार पर पुलिस दल ने उबका जंगल में दोबारा सघन तलाशी अभियान चलाया और जंगल के बीहड़ से मृतक के शव का धड़ भी बरामद कर लिया।
त्रिकोणीय प्रेम संबंध के विवाद में रची गई थी हत्या की साजिश :
जांच के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि मृतक वसीम अंसारी और आरोपी मनबासो के बीच पूर्व से कथित रूप से प्रेम संबंध थे। इस बात की जानकारी होने के बाद मनबासो और उसके पति सोनू खैरवार के बीच आए दिन गंभीर विवाद और झगड़ा होता था। पारिवारिक कलह और सामाजिक बदनामी से तंग आकर पति-पत्नी ने मिलकर वसीम को समाप्त करने का निर्णय लिया। योजना के तहत मनबासो ने वसीम को फोन कर उबका जंगल में मिलने के बहाने बुलवाया।
वसीम जैसे ही अपनी स्कूटी से जंगल पहुंचा, पहले से घात लगाकर बैठे सोनू खैरवार ने कुल्हाड़ी से उस पर ताबड़तोड़ वार कर दिया और बेरहमी से उसका सिर कलम कर दिया।
साक्ष्य छिपाने का प्रयास विफल, जेल भेजने की कार्यवाही होगी पूर्ण :
वारदात को अंजाम देने के पश्चात आरोपियों ने शव की पहचान मिटाने के उद्देश्य से सिर और धड़ को अलग-अलग दिशाओं में ठिकाने लगा दिया था, ताकि पुलिस जांच भ्रमित हो जाए। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर कत्ल में प्रयुक्त रक्त-रंजित कुल्हाड़ी बरामद कर ली है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गिरफ्तार दंपत्ति को विधिक प्रक्रिया के तहत सक्षम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है, जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।



