बतौली (सरगुजा) : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर बतौली थाना क्षेत्र स्थित झरगंवा मोड़ के समीप सोमवार देर रात एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना घटित हुई। मार्ग पर बेतरतीब और बिना किसी सुरक्षा संकेतक के खड़ी ट्रैक्टर-ट्राली के पिछले हिस्से में एक तेज रफ्तार बाईक जा घुसी। इस भीषण भिड़ंत में बाईक सवार तीन युवकों में से एक की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दूसरे युवक ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल तीसरे युवक की शारीरिक स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है, जिसे बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है। इस दर्दनाक हादसे के बाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
टक्कर से मची चीख-पुकार, कुछ देर के लिए आवागमन रहा ठप्प :
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार रात लगभग 8:30 बजे झरगंवा मोड़ के पास अंतर्राज्यीय संपर्क वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर उस समय चीख-पुकार मच गई, जब अंधेरे में सड़क किनारे खड़े ट्रैक्टर के पिछले हिस्से में बाईक अनियंत्रित होकर समा गई। टक्कर की आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास के लोग सहम गए। इस दुर्घटना में बतौली के ग्राम कुनकुरी निवासी मुन्ना राम (उम्र 27 वर्ष), पिता राजनाथ पैंकरा की मौके पर ही अत्यधिक रक्तस्राव और गंभीर चोटों के कारण जान चली गई।
हादसे में लहूलुहान बतौली भटकों निवासी अजय प्रधान उर्फ अज्जू (उम्र 24 वर्ष), पिता महेश प्रधान को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उसने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं, पथरई निवासी राजमोहन (उम्र 28 वर्ष), पिता सुंदर को गंभीर अवस्था में मेडिकल कॉलेज सह जिला अस्पताल अंबिकापुर में भर्ती कराया गया है, जहां वह जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। घटना के तुरंत बाद सड़क की उस लाईन पर वाहनों का जमावड़ा लग गया, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात कुछ समय के लिए पूरी तरह ठप्प हो गया।
अंबिकापुर से घर लौट रहे थे युवक, रास्ते में पसरा मातम :
बताया जा रहा है कि अजय प्रधान और मुन्ना राम अपने किसी निजी काम से अंबिकापुर गए थे और वहां से बाईक पर सवार होकर अपने घर बतौली लौट रहे थे। रास्ते में रात करीब 8:00 बजे उन्हें उनका परिचित साथी पथरई निवासी राजमोहन मिल गया। तीनों युवक एक ही बाईक पर सवार होकर हंसी-खुशी अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे थे। इसी दौरान रात के घने अंधकार में बिना किसी टेल-लाइट या रिफ्लेक्टर के खड़ी ट्रैक्टर-ट्राली उन्हें दिखाई नहीं दी और यह भीषण टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि युवक मुंह के बल सड़क पर गिरे। सूचना मिलते ही डायल 112 के आरक्षक जितेंद्र सिंह ने ग्रामीणों की सहायता से मोर्चा संभाला और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया।
खून से लाल हुई सड़क, लापरवाही पर दर्ज हुआ मुकद्दमा :
घटनास्थल पर सड़क खून से लाल हो चुकी थी और यह खौफनाक मंजर देखकर राहगीरों की रूह कांप उठी। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि सड़क किनारे बिना किसी रेडियम पट्टी या संकेतक के भारी वाहनों को खड़ा कर देना लगातार गंभीर हादसों का सबब बन रहा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उक्त ट्रैक्टर सीतापुर क्षेत्र का बताया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों ने इस बात से कतई इंकार नहीं किया कि सड़क पर इस तरह असुरक्षित वाहन खड़ा करना घोर लापरवाही का परिचायक है। पुलिस प्रशासन द्वारा वाहन चालक के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकद्दमा दर्ज कर लिया गया है और मामले में कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जायेगी। दुर्घटना और वाहन संबंधी विवरण ऑनलाईन पोर्टल पर दर्ज कर जांच प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। फिलहाल बतौली पुलिस ने शवों का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है और मामले की सघन विवेचना जारी है।



