बालोद : छत्तीसगढ़ के बालोद जिला मुख्यालय में अध्ययनरत एक 22 वर्षीय छात्रा पर सरेराह एसिड फेंकने के दिल दहला देने वाले मामले में पुलिस ने त्वरित सफलता हासिल करते हुए मुख्य साजिशकर्ता और उसके सहयोगी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। पकड़े गए आरोपियों में मुख्य षड्यंत्रकारी 20 वर्षीय यश कुमार सोनकर (निवासी नेवारिकला/कुंदरूपारा, बालोद) और उसका सहयोगी 20 वर्षीय करण कुंजाम (निवासी भैरमगढ़, जिला बीजापुर) शामिल हैं। प्रेम प्रस्ताव के ठुकराए जाने और युवती द्वारा स्पष्ट इंकार किए जाने से उपजे प्रतिशोध की आग में इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर विभिन्न गैर-जमानती एवं संगीन धाराओं के तहत मुकद्दमा कायम कर विधिक कार्यवाही शुरू कर दी है।
प्रेम प्रस्ताव पर इंकार और बदले की अंधी सनक :
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी यश कुमार सोनकर पीड़िता से लंबे समय से एकतरफा प्रेम करता था। उसने युवती पर लगातार संपर्क साधने और संबंध बनाने का दबाव बनाया, किंतु छात्रा ने उसके प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया। अपने झूठे अहंकार को ठेस पहुंचने और लगातार मिले इंकार से तिलमिलाया यश प्रतिशोध की आग में जलने लगा। उसने पीड़िता के पूरे जीवन और भविष्य को हमेशा के लिए ठप्प कर देने की कुत्सित योजना बनाई।
इस साजिश को अमलीजामा पहनाने के लिए यश ने अपने दूरस्थ परिचित करण कुंजाम से संपर्क साधा और उसे विशेष रूप से भैरमगढ़ (बीजापुर) से बालोद बुलवाया। दोनों ने कई दिनों तक युवती की दिनचर्या, आने-जाने के समय और रास्तों की रेकी की ताकि योजनाबद्ध तरीके से हमला किया जा सके। इस दौरान आरोपियों ने हमले के लिए केमिकल जुटाने और भागने के रास्तों की पूरी रूपरेखा तैयार की थी।
लाइब्रेरी से घर लौटते समय आमापारा क्षेत्र में खौफनाक हमला :
घटना 5 अक्टूबर की दोपहर लगभग 12:30 बजे की है। 22 वर्षीय छात्रा रोजमर्रा की तरह बालोद नगर के आमापारा क्षेत्र स्थित सार्वजनिक लाइब्रेरी से अपनी पढ़ाई पूरी कर पैदल घर लौट रही थी। वह इस बात से पूरी तरह अनजान थी कि सड़क के मोड़ पर उसकी जिंदगी को दर्द की भट्टी में झोंकने की साजिश बिछाई जा चुकी है।
जैसे ही वह सुनसान मार्ग से गुजरी, पूर्व से घात लगाए चेहरे पर गमछा लपेटे हमलावर करण कुंजाम ने अचानक उसके चेहरे को निशाना बनाकर ज्वलनशील एसिड उड़ेल दिया। तेजाब पड़ते ही युवती की चीखों से पूरा क्षेत्र दहल उठा। छात्रा सड़क पर तड़पने लगी, जबकि हमलावर मौका पाकर संकरी गलियों से फरार हो गया। स्थानीय नागरिकों और राहगीरों ने तत्परता दिखाते हुए झुलसी हुई युवती को तत्काल जिला अस्पताल बालोद पहुंचाया।
गंभीर हालत के चलते रायपुर के डीके अस्पताल रेफर :
जिला अस्पताल बालोद के आपातकालीन वार्ड में प्राथमिक उपचार के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि केमिकल के गहरे प्रभाव से युवती का चेहरा, गर्दन और कंधे बुरी तरह झुलस चुके हैं। पीड़िता की नाजुक स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ डॉक्टरों ने उसे तत्काल राजधानी रायपुर स्थित पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध डीके सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल रेफर कर दिया। बर्न यूनिट के सघन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में वरिष्ठ चिकित्सकों की देखरेख में उसका सघन उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार युवती की स्थिति स्थिर होने के बाद ही प्लास्टिक सर्जरी व अन्य आवश्यक चिकित्सकीय कार्यवाही आगे बढ़ाई जायेगी।
सीसीटीवी फुटेज, मोबाईल डंप और तकनीकी साक्ष्यों से बेनकाब हुई साजिश :
वारदात की गंभीरता को देखते हुए बालोद के पुलिस अधीक्षक ने विशेष जांच दल का गठन किया। पुलिस टीमों ने घटनास्थल से लेकर नगर के मुख्य चौराहों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन की तरफ जाने वाले तमाम मार्गों पर लगे लगभग 70 से अधिक कैमरों की सीसीटीवी फुटेज खंगाली।
जांच अधिकारियों ने तकनीकी अनुसंधान की लाईन पर काम करते हुए घटनास्थल के आसपास के मोबाईल टावर डंप डाटा का विश्लेषण किया। ऑनलाईन सर्विलांस और सायबर सेल की पड़ताल में यश कुमार सोनकर के मोबाईल नंबर की संदिग्ध गतिविधियां और बीजापुर से आए नए नंबर के साथ लगातार बातचीत के पुख्ता प्रमाण सामने आए। संदेह के आधार पर जब यश को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, तो उसने शुरुआत में पुलिस को भटकाने के लिए कई मनगढ़ंत कहानियां सुनाईं। किंतु जब साइबर सेल ने तकनीकी साक्ष्य, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और लोकेशन हिस्ट्री सामने रखी, तो उसकी चालाकी धरी की धरी रह गई और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। यश की निशानदेही पर उसके सहयोगी करण कुंजाम को भी धर दबोचा गया।
पुलिस टीम की तत्परता और कठोर कानूनी कार्यवाही :
इस सनसनीखेज वारदात की गुत्थी को महज कुछ ही घंटों के भीतर सुलझाने में बालोद सिटी कोतवाली थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा, गुरूर थाना प्रभारी मुकेश सिंह, साइबर सेल प्रभारी धरम भुआर्य और आरक्षक संजय सोनी समेत पूरी कोतवाली व सायबर विंग की भूमिका सराहनीय रही।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं के विरुद्ध ऐसे जघन्य अपराधों पर कतई नरमी नहीं बरती जायेगी। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की हत्या के प्रयास और एसिड हमले से जुड़ी सर्वाधिक कठोर गैर-जमानती धाराओं में मुकद्दमा दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने की अग्रिम कार्यवाही अमल में लाई जा रही है, वहीं मामले की अंतर्राज्यीय व अंतर-जिला कड़ियों तथा एसिड की अवैध बिक्री के पहलू पर भी सघन पड़ताल की जायेगी।



