चंदखुरी कौशल्या मंदिर में श्रीराम की प्रतिमा क्षतिग्रस्त, गर्भगृह में टपकता है पानी, अधूरी बाउंड्रीवाल से सुरक्षा पर सवाल।

रायपुर : लम्बे समय से संसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा चन्दखुरी स्थित भगवान राम की प्रतिमा को बदलने की कवायद की जा रही है, जो कि अब तक पूरी नहीं हो पाई है, वहीँ अब छत्तीसगढ़ के चंदखुरी स्थित सुप्रसिद्ध माता कौशल्या मंदिर परिसर में भगवान श्रीराम की प्रतिमा के क्षतिग्रस्त होने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। इस घटना के उजागर होते ही अब मंदिर की व्यवस्थाओं और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। प्रतिमा का एक हिस्सा टूटने की सूचना के बाद से ही नई मूर्ति स्थापित करने को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस बीच मंदिर समिति के अध्यक्ष रामस्वरूप वर्मा ने स्पष्ट किया है कि मूर्ति बदलने अथवा यथावत रखने का निर्णय सरकार के अधिकार क्षेत्र में है, लेकिन इसके साथ ही मंदिर परिसर की अन्य विकराल समस्याओं का भी स्थायी निराकरण किया जाना चाहिये।

मूर्ति स्थापना के समय ही सामने आई थी खराबी, संस्कृति विभाग ने दी थी जानकारी :

मंदिर समिति के अध्यक्ष रामस्वरूप वर्मा ने विशेष बातचीत में बताया कि मूर्ति स्थापना के समय ही उसके पत्थर का एक हिस्सा गिरने की बात सामने आ चुकी थी। भगवान श्रीराम की प्रतिमा के दाहिने हिस्से से पत्थर का टुकड़ा गिरा था, जिसकी अधिकृत जानकारी संस्कृति विभाग के अधिकारियों की ओर से दी गई थी। अब इस प्रतिमा को बदलने को लेकर अंतिम निर्णय शासन स्तर पर ही लिया जायेगा।

बारिश में गर्भगृह की छत से टपकता है पानी, अधूरी बाउंड्रीवाल बनी सिरदर्द :

रामस्वरूप वर्मा ने मंदिर की अन्य बुनियादी समस्याओं की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि बारिश के दिनों में गर्भगृह की छत से पानी टपकता है। इससे गर्भगृह में स्थापित मूर्तियों के भी क्षतिग्रस्त होने की गंभीर आशंका बनी रहती है। इसके अलावा, मंदिर परिसर की बाउंड्रीवाल का निर्माण कार्य भी बीच में ही अधूरा छोड़ दिया गया है। सुरक्षा घेरा न होने के कारण असामाजिक तत्व बेरोकटोक मंदिर क्षेत्र में प्रवेश कर जाते हैं और गाली-गलौज व हुड़दंग करते हैं। इस संबंध में संबंधित प्रशासनिक विभाग को पूर्व में ही सूचित किया जा चुका है, ताकि उचित कार्यवाही की जा सके।

केवल मूर्ति बदलना पर्याप्त नहीं, संपूर्ण व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग :

रायपुर। छत्तीसगढ़ के चंदखुरी स्थित सुप्रसिद्ध माता कौशल्या मंदिर परिसर में भगवान श्रीराम की प्रतिमा के क्षतिग्रस्त होने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। इस घटना के उजागर होते ही अब मंदिर की व्यवस्थाओं और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। प्रतिमा का एक हिस्सा टूटने की सूचना के बाद से ही नई मूर्ति स्थापित करने को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस बीच मंदिर समिति के अध्यक्ष रामस्वरूप वर्मा ने स्पष्ट किया है कि मूर्ति बदलने अथवा यथावत रखने का निर्णय सरकार के अधिकार क्षेत्र में है, लेकिन इसके साथ ही मंदिर परिसर की अन्य विकराल समस्याओं का भी स्थायी निराकरण किया जाना चाहिये।

मूर्ति स्थापना के समय ही सामने आई थी खराबी, संस्कृति विभाग ने दी थी जानकारी :

मंदिर समिति के अध्यक्ष रामस्वरूप वर्मा ने विशेष बातचीत में बताया कि मूर्ति स्थापना के समय ही उसके पत्थर का एक हिस्सा गिरने की बात सामने आ चुकी थी। भगवान श्रीराम की प्रतिमा के दाहिने हिस्से से पत्थर का टुकड़ा गिरा था, जिसकी अधिकृत जानकारी संस्कृति विभाग के अधिकारियों की ओर से दी गई थी। अब इस प्रतिमा को बदलने को लेकर अंतिम निर्णय शासन स्तर पर ही लिया जायेगा।

बारिश में गर्भगृह की छत से टपकता है पानी, अधूरी बाउंड्रीवाल बनी सिरदर्द :

रामस्वरूप वर्मा ने मंदिर की अन्य बुनियादी समस्याओं की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि बारिश के दिनों में गर्भगृह की छत से पानी टपकता है। इससे गर्भगृह में स्थापित मूर्तियों के भी क्षतिग्रस्त होने की गंभीर आशंका बनी रहती है। इसके अलावा, मंदिर परिसर की बाउंड्रीवाल का निर्माण कार्य भी बीच में ही अधूरा छोड़ दिया गया है। सुरक्षा घेरा न होने के कारण असामाजिक तत्व बेरोकटोक मंदिर क्षेत्र में प्रवेश कर जाते हैं और गाली-गलौज व हुड़दंग करते हैं। इस संबंध में संबंधित प्रशासनिक विभाग को पूर्व में ही सूचित किया जा चुका है, ताकि उचित कार्यवाही की जा सके।

केवल मूर्ति बदलना पर्याप्त नहीं, संपूर्ण व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग :

वर्तमान में स्थापित मूर्ति का पिछला हिस्सा क्रैक होकर गिरने के बाद अब इसे बदलने की तैयारी की जा रही है। संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने मंदिर समिति से जल्द नई मूर्ति की स्थापना की तिथि निर्धारित करने का आग्रह किया है। मंत्री के मुताबिक, तिथि तय होते ही मूर्ति बदलने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी और अगले 15 दिनों के भीतर नई मूर्ति को चंदखुरी में शिफ्ट करने की तैयारी है। समिति अध्यक्ष के अनुसार, सरकार नई प्रतिमा स्थापित करने का निर्णय ले सकती है, किंतु केवल मूर्ति बदलना ही पर्याप्त नहीं होगा। श्रद्धालुओं की सुविधा और मंदिर परिसर की गरिमा अक्षुण्ण बनाये रखने के लिये गर्भगृह के सीपेज को रोकना, अधूरी बाउंड्रीवाल का काम पूरा कराना और सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करना नितांत आवश्यक है।

मूर्ति निर्माण के समय ही खंडित होने का दावा :

चंदखुरी में भगवान श्रीराम की मूर्ति को लेकर गौसेवा आयोग के उपाध्यक्ष आचार्य राजीव लोचन महाराज ने भी बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि, चंदखुरी में स्थापित मूर्ति निर्माण के समय ही खंडित हो गई थी, इसके बावजूद कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इसे स्थापित कराया गया। आचार्य राजीव लोचन महाराज के अनुसार, उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मूर्ति बदलने का आग्रह किया था। अब खंडित मूर्ति के स्थान पर नई मूर्ति की स्थापना के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री और राज्य सरकार को बधाई भी दी है। दरअसल, चंदखुरी स्थित माता कौशल्या धाम में स्थापित भगवान श्रीराम की मूर्ति का पिछला हिस्सा क्रैक होकर गिरने के बाद इसे बदलने की तैयारी की जा रही है। संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने मंदिर समिति से नई मूर्ति की स्थापना की तारीख जल्द तय करने का आग्रह किया है।