डीग (राजस्थान) : जनूथर थाना क्षेत्र के गांव बड़ेसरा में प्रेम संबंध में बाधा बन रहे दो जुड़वां बच्चों की हत्या के बाद पूरा गांव स्तब्ध है। सभी की जुबां पर एक ही प्रश्न है कि अपने कलेजे के टुकड़ों को मौत के घाट उतारने से पहले मां के हाथ क्यों नहीं कांपे। 9 महीने पेट में रखने वाली मां ने ऐसा कदम कैसे उठाया होगा। मामले में मृतकों की मां प्रीति के गांव के ही राजेश से प्रेम संबंध की बात सामने आई है। राजेश की पत्नी का आठ-10 दिन पहले ही निधन हो गया था। पुलिस ने मृतक की मां को गिरफ्तार किया है। वहीं, प्रेमी राजेश, प्रीति के परिवार के ही कथित चाचा भूपेंद्र, पुनीत व नाबालिग बड़े पुत्र को भी हिरासत में लिया है।
जांच में यह भी सामने आया कि दोनों मृतक बच्चे मां व उसके कथित प्रेमी के बारे में सब कुछ जान चुके थे और नानी व नाना को बताने की धमकी दे रहे थे। इससे तीन दिन से मां व बच्चों के बीच भी कहासुनी चल रही थी। हालांकि, अभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। जांच में पुलिस को बच्चों के घर से भी हत्या की साजिश के साक्ष्य मिले हैं। पुलिस ने कपड़े सहित अन्य चीजों को सुरक्षित रखा है।
घर में धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या :
बड़ेसरा गांव में प्रेम संबंधों में बाधा बन रहे 13 वर्षीय जुड़वां भाइयों की हत्या मां ने ही अपने बड़े बेटे और प्रेमी राजेश के साथ मिलकर की। दोनों की घर में धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या की गई और शव घर से करीब 50 मीटर दूर ज्वार-बाजरे की पुंज में छिपा दिए। मृतकों की पहचान विनय चौधरी और विष्णु चौधरी के रूप में हुई है। दोनों के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिले हैं। पुलिस ने मामले में मृतक बच्चों की मां को गिरफ्तार किया है, जबकि कथित प्रेमी सहित चार अन्य लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
चार भाई-बहनों में सबसे छोटे थे जुड़वां भाई :
प्रीति की शादी 20 साल पहले सरोथ मनसा हाथरस, उत्तरप्रदेश निवासी निरंजन सिंह से हुई थी। बच्चों के पिता की 5 साल पहले हादसे में मौत हो गई थी। करीब 3 साल से बच्चे अपनी मां के साथ नाना के घर रह रहे थे। दोनों जुड़वां भाई, चार भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। इनकी बड़ी बहन 18 साल की है और एक भाई 16 साल का है। ग्रामीणों ने बताया कि घनश्याम सिंह के कोई बेटा नहीं था। उन्होंने दोनों बेटियों को ही बेटा मानकर पाला। जब बेटियों के पति नहीं रहे तो पिता ने ही उनके परिवार की जिम्मेदारी संभाली। बच्चों के मामा भी नहीं हैं। ऐसे में परिवार पर आई इस दुखद घटना ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
याद आई वो दर्दनाक वारदात :
इस घटना ने नगर के गांव बरौली चौथ की उस घटना की याद दिला दी, जब बेटे के बार-बार पिता से शिकायत करने से परेशान होकर सौतेली मां ने 12 वर्षीय यश की पानी के टैंक में डालकर हत्या कर दी थी। इस प्रकरण में पति-पत्नी को पकड़ा गया था। मृतक यश की मां देवेंद्री की वर्ष 2016 में फांसी लगाने से मृत्यु हो चुकी थी।
वहीं, एक नवंबर 2022 को चिरावल गुर्जर गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई थी। यहां एक गर्भवती मामी ने अपनी ननद से ईर्ष्या के चलते अपने 20 महीने के मासूम भांजे की पानी की टंकी में डुबोकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री का खुलासा करते हुए आरोपी महिला को गिरफ्तार किया था।



