बिलासपुर : राजकिशोर नगर स्थित अपने ससुराल आए महासमुंद कुटुंब न्यायालय के जज प्रफुल्ल कुमार सोनवानी और उनकी पत्नी के साथ जन्मदिन मना रहे युवकों ने मारपीट की। पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों के खिलाफ जुर्म दर्ज कर लिया है। शोर-शराबे और आतिशबाजी का विरोध करने पर भड़का विवाद; जज दम्पत्ति और परिजनों पर भी क्रॉस एफआईआर, बिना हाईकोर्ट अनुमति कार्यवाही पर उठे सवाल।
45 मिनट तक नगाड़े और आतिशबाजी से गूंजती रही गली :
सरकण्डा पुलिस के अनुसार, महासमुंद जिला न्यायालय के न्यायाधीश प्रफुल्ल कुमार सोनवानी ने रिपोर्ट लिखाई कि 31 अक्टूबर को वे पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने परिवार सहित राजकिशोर नगर जूनियर एमआईजी 5 स्थित ससुराल आए थे। रात 11 बजे उनके परिवार के लोग घर में सो गए थे। उस दौरान अचानक अत्यंत तेज आवाज में नगाड़ा बजने एवं आतिशबाजी की आवाज आने लगी, जो लगातार 45 मिनट तक चलती रही। जिसके कारण घर के लोग जाग गए। श्री सोनवानी स्थिति को देखने के लिये नीचे आ गए। वहां पर गली में युवकों की भीड़ लगी थी।
जन्मदिन के जश्न में जज और परिजनों से मारपीट :
पूछने पर उन्होंने बताया कि वे अभय बरूआ का जन्मदिन मना रहे हैं। जब उन्होंने आतिशबाजी करने व नगाड़ा बंद करने के लिये कहा, तब अभय बरूआ और उसके साथियों ने श्री सोनवानी व उनकी पत्नी आकांक्षा से मारपीट की। इस दौरान साला अभिषेक भारद्वाज, सास नीरा भारद्वाज और साले की पत्नी गुरप्रीत भारद्वाज बीच-बचाव करने आ गए। इन सबसे भी मारपीट कर धमकी दी गई। पुलिस ने जज प्रफुल्ल सोनवानी की रिपोर्ट पर प्रॉपर्टी डीलर अभय बरूआ एवं उसके अन्य साथियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 115(2), 296, 3(5), 351(3) के तहत जुर्म दर्ज कर लिया है।
जज दम्पत्ति और रिश्तेदार पर भी मुकद्दमा दर्ज :
इस मामले में पुलिस ने युवक की रिपोर्ट पर जज दम्पत्ति के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया है। मगरपारा अम्बेडकर नगर निवासी विनय वैद्य पिता स्व। अशोक वैद्य ने रिपोर्ट लिखाई है। इसके अनुसार वह 31 अक्टूबर की रात 12।15 बजे अपने मित्र अभय बरूआ का जन्मदिन मनाने राजकिशोर नगर स्टेट बैंक के पास अपने मित्र रक्तिम सारखेल के साथ गया था। सभी लोग और अभय बरूआ के परिजन एकत्रित होकर केक काटकर जन्मदिन मना रहे थे। कुछ लोग घर के सामने आतिशबाजी कर रहे थे।
विनय वैद्य से मारपीट का आरोप, तीन लोगों पर केस :
उसी समय बाहर से हल्ला सुनाई देने पर विनय वैद्य बाहर निकला तो एक महिला जिसका नाम आकांक्षा सोनवानी है व प्रफुल्ल सोनवानी मारपीट करने लगे। प्रफुल्ल सोनवानी ने अपने साले अभिषेक भारद्वाज को बुला लिया। अभिषेक भारद्वाज कार लेकर पहुंचा तो जान से मारने की धमकी देते हुए मारपीट की। पुलिस ने विनय की रिपोर्ट पर आकांक्षा सोनवानी, प्रफुल्ल सोनवानी और अभिषेक भारद्वाज के खिलाफ अपराध क्रमांक 1596/26 धारा 296, 115(2), 351(3), 3(5) के तहत जुर्म दर्ज कर लिया है।
न्यायाधीश के खिलाफ कार्यवाही से पहले हाईकोर्ट की अनुमति जरूरी : विधि विशेषज्ञ
इस मामले में जानकार वकील बताते हैं कि किसी भी न्यायाधीश के खिलाफ मामला दर्ज करने या कार्यवाही करने से पहले हाईकोर्ट की अनुमति लेना जरूरी है, लेकिन इस मामले में पुलिस ने कोई अनुमति नहीं ली और सीधे जुर्म दर्ज कर लिया। सरकंडा पुलिस ने यह जरूर कहा कि मामला दर्ज करने वाले पुलिस अधिकारी को इसकी जानकारी नहीं थी कि आरोपी पक्ष जज हैं।
दोनों पक्षों की शिकायत पर जुर्म दर्ज : थाना प्रभारी
सरकण्डा टीआई प्रदीप आर्या ने बताया कि प्रफुल्ल सोनवानी की रिपोर्ट पर अभय बरूआ एवं उसके अन्य साथियों तथा विनय वैद्य की रिपोर्ट पर प्रफुल्ल सोनवानी, आकांक्षा सोनवानी और अभिषेक भारद्वाज के खिलाफ जुर्म दर्ज किया गया है। प्रार्थी रिपोर्ट लिखाने आया तो डीओ अधिकारी ने उनकी रिपोर्ट पर एफआईआर दर्ज की। प्रफुल्ल सोनवानी न्यायाधीश हैं, इसकी उसे पहले जानकारी नहीं थी।



