दुर्ग : नवीन ट्रेवल्स के कंडक्टर ने दुर्ग कोतवाली पुलिस को सूचना दी कि, बस में गांजा सप्लाई किया जा रहा है। और फिर पुलिस दुर्ग बस स्टैंड पहुंची, रायपुर से दुर्ग के लिए आ रही यात्री बस में दुर्ग पुलिस ने 21 किलो सोना जब्त किया है। पूरा सोना गांजे की तरह बंडल में पैक करके एक बैग में भरा हुआ था। सराफ एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रकाश सांखला ने पूरा सोना रायपुर के सराफा व्यापारियों का बताया है। दुर्ग पुलिस ने बिल देखकर सोना व्यापारियों के हवाले कर दिया है। लेकिन पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आखिर इतनी मात्रा में सोना एक यात्री बस से इतनी लापरवाही पूर्वक कैसे ले जाया जा रहा था।
दुर्ग एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने बताया, 13 मई को दोपहर 3 बजे नवीन ट्रेवल्स के कंडक्टर ने दुर्ग कोतवाली पुलिस को सूचना दी कि, बस में गांजा सप्लाई किया जा रहा है। एक काले रंग के बैग में कई बंडल में पैकेट बनाकर उसे रखा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस बस स्टैंड दुर्ग पहुंची। पुलिस ने बस में रखे बैग को चेक किया तो वो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उस बैग में लगभग 15 करोड़ रुपए कीमत का 21 किलो सोना रखा हुआ था। इतना सारा सोना इकट्ठा देखकर लोग हैरान रह गये, जहाँ लूट की घटना से इंकार नहीं किया जा सकता था।
पुलिस ने तुरंत पूरे सोने को जब्त किया और थाने ले आई। इसके बाद सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रकाश सांखला थाने पहुंचे। उनके साथ रायपुर के सन एन सन ज्वेलर्स और गोल्छा ब्रदर्स के संचालक भी वहां पहुंचे। उन्होंने पूरे सोने का बिल दिखाया और बताया कि ये सोना मुंबई और जयपुर जा रहा था। इसके बाद पुलिस ने सोना उनके हवाले कर दिया।
पुलिस ने बताया अलग-अलग सरफा व्यापारियों का सोना :
दुर्ग पुलिस के मुताबिक बस में रखे बैग में 7 अलग – अलग पार्सल में सोना पाया गया। 2 पार्सल खुले थे। इन पैकेट में सोने के जेवरात और कच्चा सोना भरा हुआ था। तौल करने पर कुल सोने का वजन 21.6 किलोग्राम पाया गया। पूछताछ करने पर पूरा सोना रायपुर और राजनांदगांव के अलग-अलग सराफा व्यापारियों का बताया गया। जिनकी मुंबई, सूरत, कोलकाता और जयपुर में डिलीवरी होनी थी।
सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रकाश सांखला ने बताया कि रिप्लेसमेंट वाला सोना मुंबई जा रहा था। पूरे सोने का बिल बाउचर था। नवीन ट्रांसपोर्ट के जरिए उसे भेजा जा रहा था। पुलिस ने उसे पकड़ा और बिल से वेरीफाई करके उसे छोड़ दिया है। कूरियर के दौरान पैकेट के अंदर बिल भी था और उसमें वैल्यू लिखा था। कूरियर के दौरान किसी को यह नहीं बताया जाता है कि सोने का सामान है। नहीं तो अपराध भी हो सकता है। कार्गो वाले अभी माल नहीं ले जा रहे हैं। कूरियर फ्लाइट बंद होने के चलते मजबूरी में बस से सोना भेजा जा रहा था। दुर्ग एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने इस बड़ी लापरवाही बताया है।



