इस मामले में डॉ. अशोक खेमका के खिलाफ धोखाधड़ी की FIR दर्ज, सुप्रसिद्ध कालोनाइजर है खेमका।

रायपुर। सुप्रसिद्ध कालोनाइजर डॉ. अशोक खेमका के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ है, नगर निवेश से पास लेआउट के विरुद्ध निर्माण तथा आम जनता को छलपूर्वक कूटरचित लेआउट दिखाकर कॉलोनी विकास की अनुमति हासिल कर शहरी गरीब आवास की भूमि को हड़पने के मामले में विधानसभा थाना पुलिस ने कॉलोनाइजर मेसर्स सूर्या लैंड डेवलपर्स डॉ. अशोक खेमका के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। मामला सड्डू में विकसित की गई राजधानी विहार नामक कॉलोनी का है। इस मामले की शिकायत पुलिस ने दर्ज की है।

पुलिस ने बताया कि एफआईआर नगर निगम के जोन क्रमांक 9 के प्रभारी सहायक अभियंता अंशुल शर्मा ने दर्ज कराई है। रिपोर्ट के अनुसार कॉलोनाइजर मेसर्स सूर्या लैंड डेवलपर्स द्वारा ग्राम सड्डू में विकसित की गई राजधानी विहार नामक कॉलोनी में तथ्यों को छिपाकर कूटरचित ढंग से अनुमति प्राप्त कर शासन की योजना के क्रियान्वयन में बाधा उत्पन्न की जा रही है। रिपोर्ट में उल्लेख है कि कॉलोनाइजर द्वारा रजिस्ट्री के लिए उपयोग में लाए जा रहे संयुक्त नक्शे को नगर तथा ग्राम निवेश विभाग द्वारा अनुमोदित नहीं किया गया है। इस शिकायत पर FIR दर्ज करवाई गई है।

कृपया यूट्यूब पर हमारा चैनल सब्सक्राइब करें https://www.youtube.com/channel/UC-u8eGlK2qsF28TfTqY0uHw

वहीँ राजधानी विहार फेस-2 की जमीन का सीमांकन नहीं कराया गया है, किन्तु फेस-2 की डेवलेपमेंट परमिट में सीमांकन की शर्त सम्मिलित है। कॉलोनाइजर द्वारा कालोनीवासियों को जो नक्शा दिखाकर प्लाट विक्रय किए गए हैं उसमें दिखाए गए ओपन एरिया एवं आधे रोड के हिस्से को ईडब्ल्यूएस में शामिल किया गया है। ईडब्ल्यूएस के लिए आरक्षित भूमि में खसरा क्रमांक 548 को बिल्डर द्वारा मानचित्र में सम्मिलित किया गया है। उपलब्ध अभिलेख के आधार पर उक्त खसरा शासकीय है तथा पानी के नीचे की जमीन है। कॉलोनाइजर के उपरोक्त कृत्य से शहरी गरीब आवास जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हुए हैं तथा केन्द्र व राज्य शासन से मिली राशि का उपयोग पूर्ण रूप से नहीं किया जा सका है। इस तरीके से शहरी गरीबों का नुकसान हुआ है।