रायपुर : खाद्य पदार्थ जब एक ही तेल में बार – बार बनाये जाते है तो उसमें फ्री रेडिकल्स बनते है, जो स्वास्थ्य के लिये हानिकारक होते है, अधिक कमाने के चक्कर में होटल वाले इस तेल जो बार – बार प्रयोग करते है, इसके निवारण के लिये सरकार ने समाधान निकला है कि होटलों और घरों में बचे खाने वाले तेल से बायो डीजल बनाया जायेगा। छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण 20 रुपए प्रति लीटर की दर से ये यूज्ड तेल खरीदेगा। रायपुर जिले से इसकी शुरूआत कर दी गई है।
राजधानी के लिए छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण के अधिकारी रमेश मेढ़ेकर को यूज तेल एकत्रित करने का काम शुरू कर दिया गया है। लोकल रेस्टोरेंट, होटल, फूड प्रोसेसर कंपनियां, घर के किचन और फूड बिजनेस करने वाली कंपनियों से तेल का संग्रहण किया जाएगा। शासन के निर्देशानुसार उपयोग किए हुए खाने के तेल को बायोडीजल बनाने में उपयोग किया जाना है। अत: खाद्य एवं औषधि प्रशासन सभी खाद्य व्यवसाय संचालकों से अपील की गई है, कि खाद्य पदार्थ तलने / छानने के लिए एक ही तेल का दो बार से अधिक प्रयोग न करें। उसके बाद तेल को इकठ्ठा करें और दिये गये नंबर पर फ़ोन करें।
ड्रोम मशीन से करेंगे टीपीसी की जांच :
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को प्राधिकरण ने ड्रोम मशीन दी है। इस मशीन से ही खाद्य तेल में टोटल पोलर कंपाउंड (टीपीसी) की जांच करती है। अगर खाद्य तेल में टोटल पोलर कंपाउंड 25 से ज्यादा हो तो खाद्य तेल मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। टोटल पोलर कंपाउंड तभी बढ़ता है, जब तेल को बार-बार गर्म किया जाए। इस तरह के तेल की जांच के लिए विभाग ने तीन-तीन खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की तीन टीम बनाई है। टीम के द्वारा जिले के सभी स्ट्रीट फूड एवं ऐसे दुकानों की जांच की जायेगी और अगर वह तेल अमानक पाया जाता है तो नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
कई घातक बीमारियां हो सकती हैं :
बार-बार एक ही तेल प्रयोग में लाने पर फ्री रेडिकल्स बनने लगते हैं। जो आगे चलकर कैंसर, स्ट्रोक और अलजाइमर जैसी घातक बीमारियां देते हैं। एक ही तेल को बार-बार गर्म करने से तेल में फैट जमने लगता है और तेल का रंग काला पड़ जाता है। अगर जले हुए तेल को बार-बार प्रयोग किया जाता है तो यह सेहत को नुकसान पहुंचाता है। यह तेल शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को बढ़ा सकता है। जले हुए तेल में विषैले तत्व का निर्माण होता है, जो पेट में जाने के बाद गैस का कारण बनता है। जिसके कारण, आपको अपच और पेट दर्द जैसी समस्या भी उत्पन्न हो सकती है। लोग इन बिमारियों लगातार त्रस्त है, डॉक्टर के पास जाने के बावजूद इन समस्याओं को स्थायी तौर पर हल नहीं मिल पाता, डॉक्टरों के अनुसार यह भारी तेल पचने में दिक्कत होती है और आजकल लोग परिश्रम भी नहीं करते जिसके कारण लोग विविध समस्याओं से घिर रहे है।
100 लीटर जमा होने पर करें कॉल :
होटलों-रेस्टोरेंट्स और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स से जले हुए तेल को जमा करने के लिए सरकार ने योजना बनाई है। ऐसे तेल को एक जगह स्टॉक करके रखने कहा गया है। कम से कम 100 लीटर होने के बाद छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण के अधिकारी को 7880161532 पर कॉल कर इस तेल को दिया जा सकता है। इसके बाद इससे बायोफ्यूल बनाने में प्रयोग किया जायेगा।
जले हुये तेल को लेकर टीम करेगी होटलों पर कार्यवाही :
जले हुए कुकिंग ऑयल की जांच के लिए तीन टीम बना दी गई है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण के द्वारा नंबर जारी किया गया है। जिसमें कॉल करे जला तेल बेचा जा सकता है। –देवेंद्र पटेल, अभिहित अधिकारी, राजस्व