रायपुर : बाजार से आप जो भी सामान खरीद रहे है उसकी गुणवत्ता की कोई गारंटी नहीं है, शहर में ब्रांडेड के नाम पर नकली सामान बेचने का ट्रेंड चल पड़ा है। इस पर प्रशासन कोई नकेल नहीं कस पा रहा है। कुछ दिन पहले ही गोलबाजार में दो कारोबारियों के खिलाफ नकली सामान बेचने पर कार्यवाही हुई थी। इसके बाद अब सिविल लाइन इलाके में तीन कारोबारी ब्रांडेड के नाम पर नकली खिलौने बेचते पकड़े गए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया है।
पुलिस के मुताबिक कटोरा तालाब के टॉयजोन में छापा मारा गया। दुकान में डिजनी इंटरप्राइजेस आईएनसी और मार्वल कैरेक्टर्स आईएनसी कंपनी के नाम से स्कूल बैग, कंपास, पेसिंल, टॉयस, डायरी, पानी बॉटल और अन्य सामान बेच रहे थे। इसे ब्रांडेड बताकर बेचा जा रहा था, जबकि यह नकली था। इसकी शिकायत पर पुलिस ने दुकानदार राजेश पंजवानी के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट का अपराध दर्ज किया है। बड़ी मात्रा में नकली सामान जब्त किया गया है। इसी तरह रिश्ते गिफ्ट शॉप में भी छापा मारा गया। यहां भी बड़ी संख्या में बच्चों के खिलौने और स्टेशनरी आइटम नकली बेचे जा रहे थे। पुलिस ने दुकानदार प्रवीण जैन के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट के तहत कार्यवाही की है। इसके अलावा एक अन्य दुकान रेडी टेडी में छापा मारा गया। यहां भी इसी कंपनी के नकली उत्पाद बेचे जा रहे थे। दुकानदार विजय पंजवानी के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है।
दो दिन पहले ही पकड़े गए थे :
गोलबाजार में दो दिन पहले दो कारोबारियों को पुलिस ने नकली सामान बेचते हुए पुलिस ने गिरफ्तार किया था। दोनों कारोबारी ब्रांडेड के नाम पर नकली सामान बेच रहे थे। उल्लेखनीय है कि शहर में इससे पहले भी नकली सामान बेचने के कई मामले सामने आ चुके हैं। नकली सामान को ग्राहक पकड़ नहीं पाता, और इन्ही में काफी मुनाफाखोरी है, बाज़ार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और मुनाफाखोरी दुकानदारों द्वारा नकली सामान बेचने के महत्वपूर्ण कारण है, यह छपे स्टेशनरी दुकानों में मारे गये जबकि सभी प्रकार के धंधों में नकली सामान इस कद्र व्याप्त है कि उपभोक्ता तक सही माल नहीं पहुँच पाता, साबुन, तेल, बाम, चायपत्ती जैसे कई उत्पाद नकली बेचे जा रहे है।