राज्य में कब लगेगी आचार संहिता? इस समय जारी हो जायेगी कांग्रेस की पहली सूची और भाजपा की दूसरी सूची।

छत्तीसगढ़ चुनाव : देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग कुछ नियम बनाता है। चुनाव आयोग के इन्हीं नियमों को आचार संहिता कहते हैं। लोकसभा/विधानसभा चुनाव के दौरान इन नियमों का पालन करना सरकार, नेता और राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी होती है। भारत निर्वाचन आयोग के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते ही आदर्श आचार संहिता लागू हो जाती है। इस दौरान सरकारी मशीनरी एक तरह से चुनाव आयोग के नियंत्रण में रहती है। मतदान और मतगणना के बाद नतीजों की आधिकारिक घोषणा के साथ ही आचार संहिता हट जाती है।

विधानसभा चुनाव-2023 को देखते हुए राज्य सरकार और राजनीतिक पार्टियों के पास चुनावी तैयारी करने के लिए 38 से 40 दिनों का फ्रीहैंड है। अक्टूबर के पहले सप्ताह तक चुनाव आचार संहिता लागू होने का अनुमान है। पिछले तीन चुनावों में भी 4, 5 और 6 अक्टूबर को चुनाव तारीखों की घोषणा के साथ ही राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई थी। इस बार भी यही स्थिति बन रही है।

केंद्रीय चुनाव आयोग छत्तीसगढ़ समेत पांच राज्यों में होने वाले चुनावों के लिए एक साथ चुनाव कार्यक्रमों की घोषणा करता है। 2018 चुनाव के लिए चुनाव आयोग ने 6 अक्टूबर को चुनाव का डेट डिक्लीयर किया था। इसी के साथ राज्य में चुनाव आचार संहिता लागू हो गई थी। इस बार भी आचार संहिता लागु होने का समय नजदीक आ गया है।

आचार संहिता लागू होने के 38 दिन बाद राज्य में पहला मतदान 12 नवंबर को हुआ था। दूसरे चरण का मतदान 45 दिन बाद यानी 20 नवंबर को हुआ। 11 दिसंबर को एक साथ रिजल्ट जारी किया गया। चुनाव आयोग के अफसरों के अनुसार किसी भी राज्य में अंतिम मतदान के 45 दिनों पहले ही चुनाव आचार संहिता लग जाती है। पिछले तीन चुनाव में मतदान की तारीख में थोड़ा बहुत अंतर रहा है। पिछले तीनों चुनाव में पहले चरण का मतदान 12, 11 और 14 नवंबर को हुआ। इसी तरह दूसरे चरण का मतदान भी 20, 19 और 20 नवंबर को हुआ।

कांग्रेस की सूची 7 से पहले :

चुनाव आचार संहिता लागू होने के साथ ही राजनीतिक पार्टियों और प्रत्याशियों के लिए कई तरह के प्रतिबंध लागू हो जाते हैं। इसलिए ज्यादातर राजनीतिक पार्टियां आचार संहिता लागू होने से पहले ही प्रत्याशियों की सूची जारी कर देती हैं। भाजपा ने 2023 चुनाव के लिए सप्ताहभर पहले ही 21 उम्मीदवारों के नामों का लिस्ट जारी कर दिया है। सितंबर के पहले सप्ताह यानी 7 सितंबर तक कांंग्रेस भी अपनी पहली लिस्ट जारी करने वाली है। वहीं कहा जा रहा है कि इसी के आसपास भाजपा भी अपनी दूसरी लिस्ट जारी कर सकती है। इस बार भाजपा में प्रत्याशियों के लिये एक नयापन है, पूरे तरीके से सक्रिय और समर्पित नेताओं को ही टिकट दी जा रही है।

इसलिए महत्वपूर्ण है आचार संहिता :

चुनाव आचार संहिता चुनाव आयोग द्वारा मतदान और मतगणना की तारीखों की घोषणा के साथ ही लागू हो जाता है। आचार संहिता लागू होने के बाद राज्य सरकार, नगरीय निकाय या किसी भी निचले सदन के लिए किसी भी तरह की घोषणायें इत्यादि करना प्रतिबंधित हो जाता है। राजनीतिक पार्टियों के लिए भी आदर्श आचार संहिता लागू होने के साथ ही कई तरह के प्रतिबंध लागू हो जाते हैं। इसके साथ ही कई अन्य तरह के निर्देश जारी किए जाते हैं। किसी भी पार्टी या राजनीतिक उम्मीदवारों को इन निर्देशों का पालन करना होता है। इस समय चुनाव आयोग के हिसाब से सरकारी मशीनरी का संचालन होता है।