भाजपा की हार तय करने के लिये बनी I.N.D.I.A. की टीम, इन नेताओं ने उठाया जिम्मा, हराकर रहेंगे भाजपा को।

मुंबई (महाराष्ट्र) : 2024 में विपक्षी दलों में चुनाव जीतने के लिये कमर कस ली है, विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस (इंडिया) ने शुक्रवार को 13 सदस्यीय समिति का गठन किया है, जिसमें कई दलों के प्रमुख नेताओं को शामिल किया गया है। यह समन्वय समिति ही गठबंधन की सर्वोच्च इकाई के रूप में काम करेगी। इस समिति में कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार, द्रमुक नेता और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन, राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी, झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, शिवसेन (यूबीटी) के नेता संजय राउत, आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के डी. राजा, नेशनल कांफ्रेंस के उमर अब्दुल्ला और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की महबूबा मुफ्ती को शामिल किया गया है। इसमें जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष ललन सिंह और समाजवादी पार्टी के सांसद जावेद अली खान भी शामिल किए गए हैं। आगामी लोकसभा चुनाव के लिए 30 सितंबर तक सीटों के तालमेल का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसको लेकर सभी विपक्षी पार्टियाँ लामबंद हो गई है।

सभी विपक्षी पार्टियाँ लोकसभा चुनाव मिलकर लड़ेंगे :

I.N.D.I.A. ने शुक्रवार को संकल्प लिया कि वे अगला लोकसभा चुनाव मिलकर लड़ेंगे, गठबंधन की बैठक में पारित प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि सीट बंटवारे का काम ‘इस हाथ दे, उस हाथ ले’ की सहयोगात्मक भावना के साथ जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा। विपक्षी दलों ने जल्द ही जनहित से जुड़े मुद्दों पर जनसभाएं आयोजित करने का भी संकल्प लिया है।

हमें प्रतिशोध की कार्यवाही और गिरफ्तारी के लिए तैयार रहना होगा : खड़गे 

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के घटक दलों के नेताओं से कहा है कि आने वाने कुछ महीनों में हमें बदले की कार्यवाही, छापेमारी और गिरफ्तारी के लिए तैयार रहना होगा, क्योंकि यह गठबंधन जमीन पर जितना मजबूत होगा, सरकार उसके खिलाफ कानून प्रवर्तन एजेंसियों का उतना ही ज्यादा दुरुपयोग करेगी. खड़गे ने दावा किया, ‘‘भाजपा एजेंसियों और संस्थानों पर पूर्ण नियंत्रण चाहती है.’ वह ईडी प्रमुख, सीबीआई निदेशक, चुनाव आयुक्तों या यहां तक ​​कि देशभर की अदालतों के न्यायाधीशों की नियुक्ति को नियंत्रित करने पर अड़ी हुई है.’’ इसके लिये मजबूती से तैयार रहना होगा।