जगदलपुर : रेलवे के बेतरतीब संचालन को लेकर यात्रीगणों की मुसीबतें थमने का नाम नहीं ले रही है, यात्री ट्रेनों को आए दिन रद्द करने को लेकर छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ दिनों से काफी बवाल मचा हुआ है। कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर आक्रामक है और बुधवार को प्रदेशभर में रेल रोको आंदोलन कर विरोध दर्ज कराया है। इस बीच यहां स्टेशन में यात्री ट्रेनों के परिचालन को लेकर लगभग दो घंटे तक दुविधा की स्थिति बनी रही। रेलवे ने पहले ट्रेनों को रद्द कर दिया और जब कई यात्री ये सुनकरअपने घर लौट गए तो ट्रेन को वापस दौड़ा दिया।
रेलवे की ओर से पहला आदेश सुबह 11.36 बजे जगदलपुर-राउरकेला एक्सप्रेस को रद्द करने और जगदलपुर-भुवनेश्वर को कोरापुट-रायगढ़ा (केआर लाइन) की जगह परिवर्तित मार्ग कोरापुट-कोत्तावालसा (केके मार्ग) से चलाने का जारी किया गया। इन ट्रेनों में सफर करने यात्री स्टेशन पहुंचे तो गेट पर बताया गया कि ट्रेन रद्द हो गई है। जिसको लेकर यहाँ तैनात जवानों ने यात्रियों को लौटाया, और यात्री अपने घर लौट गये।
कांग्रेस के रेल रोको आंदोलन के कारण स्टेशन के गेट पर रेलवे सुरक्षा बल के जवान पहले से ही तैनात थे। तैनात जवान यात्रियों को ट्रेन रद्द होने की जानकारी देकर गेट से ही लौटा रहे थे। दो घंटे बाद एक बजकर 46 मिनट पर रेलवे से दूसरा आदेश जारी किया गया, जिसमें पुराने आदेश को पलटते हुए ट्रेनों का परिचालन निर्धारित समय सारिणी के अनुसार करने की बात कही गई। इसकी जानकारी कई यात्रियों को नहीं मिल सकी। कई यात्री जो लौट गए थे वे ट्रेन के रद्द और बहाल करने के घटनाक्रम से अनभिज्ञ ही रहे। दूसरा आदेश जब जारी किया गया तब जगदलपुर-राउरकेला एक्सप्रेस के रवाना होने में 25 मिनट का ही समय बाकी था। यह गाड़ी निर्धारित समय दोपहर 2.10 बजे गिनती के कुछ यात्रियों को लेकर रवाना हुई। जिसके कारण कई लोग यात्रा नहीं कर पाये।
इस अजीबो गरीब घटना से यात्री काफी आक्रोशित हुये, रेलवे के संचालन को लेकर पहले ही यात्री परेशान चल रहे है, वो जिस जरुरी काम से यात्रा करना चाहते है, उसमें उनके परेशानी खड़ी हो जाती है। आपको बता दें कि ट्रेनों का संचालन क्यूँ गड़बड़ाया है, विभाग का कहना होता है, ट्रैक के अपडेशन के कारण ये दिक्कत हो रही है, जबकि दूसरी तरफ मालगाड़ियों की संख्या बढ़ा दी गई है, जिसके लिये यात्री ट्रेनों को प्राथमिकता दी जा रही है, वहीँ दूसरी तरफ वन्दे भारत , तेजस, राजधानी और हमसफ़र जैसी महंगी ट्रेने अपने समय पर ही चल रही है।