कंपनी के डायरेक्टर की फोटो लगाकर इस तरह ठग लिये 55 लाख रुपये से ज्यादा, धोखाधड़ी का मामला दर्ज।

राजधानी : ठग इतने शातिर है कि किसी ना किसी तरीके से लोगों को फंसा हो लेते है, जितने ये लोग चालाक है उतना आम आदमी को भी सतर्क रहना आवश्यक है। रायपुर में डीवी प्रोजेक्ट लिमिटेड कंपनी के डायरेक्टर की फोटो वाट्सएप में लगाकर CFO से लाखों की ठगी का मामला सामने आया है।ठग ने इमरजेंसी बताकर ठगी की वारदात की है। अज्ञात ठग ने दो बार में 55 लाख 55 हजार 311 रुपये की ठगी की है। ठग ने महज एक घंटे में इस वारदात को अंजाम दिया। इस ठगबाजी की घटना पर शिकायत के बाद तेलीबांधा थाना पुलिस ने अज्ञात ठग के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर, जांच शुरू कर दी है।

तेलीबांधा थाने में डीवी प्रोजेक्ट लिमिटेड के सीएफओ सतीश कुमार सरावगी ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। प्रार्थी ने बताया कि उसे कंपनी के खातों के संचालन के लिए अधिकृत किया गया है। प्रार्थी के नंबर में 14 सितंबर को वाट्सएप पर एक मैसेज आया है। इसमें कंपनी के डायरेक्टर दिनेश कुमार पटेल की फोटो लगी थी। मैसेज में कहा गया कि 25 लाख 90 हजार 609 रुपये अमन कुमार शर्मा के एकाउंट में आरटीजीएस के माध्यम से पैसे का भुगतान करने का निर्देश दिया गया। प्रार्थी ने पहले पैसे का भुगतान नहीं किया तो बार-बार मैसेज कर दवाब बनाया जाने लगा। इसके बाद कंपनी के लैंडलाइन नंबर पर एक फोन आया और उसमें कहा गया कि CFO को बोल दिया जायेगा कि मैसेज पर तत्काल कार्यवाही करें।

यह भी कहा गया कि सतीश से फोन पर बात नहीं हो पा रही है। डायरेक्टर व्यस्त हैं, तत्काल कार्यवाई की जाएगी। जिसके बाद बताए गए अकाउंट पर पहली किश्त में अमन कुमार के खाते में 25 लाख 90 हजार 609 रुपये आरटीजीएस के माध्यम से खाते में डाल दिए गए। इसके बाद सैफुल हुसैन के खाते में 29 लाख 64 हजार 720 रुपये डाल दिए गए। इस तरह दो बार करके 55 लाख 55 हजार से ज्यादा की रकम हस्तांतरित कर दी गई।

जब मालिक से पूछा तब पता चला कि ठगी हुई :

इस बात की जानकारी दूसरे दिन जब सतीश ने डायरेक्टर दिनेश कुमार पटेल से बात कर दी तो उन्होंने मनाकर दिया। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा किसी को भुगतान करने के लिए नहीं कहा गया है। इसके बाद ठगी का एहसास होने पर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई, जिसको लेकर प्रार्थी तनाव में आ गया।

पहले भी हाे चुका है ठगी का प्रयास :

सिविल लाइन थाना क्षेत्र में नूडल्स कंपनी के डायरेक्टर की फोटो वाट्सएप में लगाकर मैनेजर से लाखों की ठगी की गई थी। गिफ्ट कार्ड भेजने के नाम पर अज्ञात ठग ने चार लाख 60 हजार रुपये ठग लिए थे। इसके अलावा वंदना ग्लोबल लिमिटेड सिलतरा में MD की तस्वीर अपने वाट्सएप की डीपी पर लगाकर शातिर ठग ने कंपनी में कार्यरत वाइस प्रेसिडेंट को वाट्सएप पर वाइस काल किया था। इसके बाद अमेजन के ई-वाउचर को लिंक पर भेजने का झांसा देकर साढे पांच लाख रुपये ठग लिए गए। इसमें दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। वहीं ठगों ने मंत्री और अधिकारियों के नाम से ठगी का प्रयास किया है। जिसमें आइएएस और आइपीएस अधिकारियों ने ठगी की शिकायत की थी। अलग – अलग तरीके ठगबाज अपने कामों को अंजाम देने में लगे हुये है।

इंटरनेट से निकालते हैं जानकारी :

इंटरनेट की दुनिया में अधिकतर जानकारी सार्वजानिक होने के कारण ठग इसका फायदा उठाते है, आरोपी बड़ी-बड़ी कंपनियों के डायरेक्टरों की फोटो इंटरनेट से निकालते हैं। वेबसाईट के जरिए पूरी जानकारियां इकट्ठी करते हैं। उसमें नंबर भी होता है। यहां तक की मैनेजर का नंबर भी रहता है। ऐसे में ठग आसानी से मैनेजर को अपने जाल में फंसाते हैं। मैनेजर डायरेक्टर की बात नहीं काटते और ठग के कहे अनुसार पैसे पेमेंट कर देते हैं। जिससे वे ठगबाजी के शिकार हो जाते है।