भिलाई/दुर्ग : फिल्म गदर-2 देखने के दौरान हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने पर हुए विवाद में खुर्सीपार निवासी मलकीत सिंह हत्याकांड में पुलिस ने एक और गिरफ्तारी कर ली है। पुलिस ने युवा कांग्रेस के भिलाई नगर विधानसभा अध्यक्ष अर्जुन शर्मा के भाई शुभम शर्मा को भी आरोपी बनाया है और मंगलवार को उसकी गिरफ्तारी की गई। इस हत्याकांड में शुभम शर्मा को सह अभियुक्त बनाया गया है।
खुर्सीपार निवासी मलकीत सिंह हत्याकांड के मामले में पुलिस ने छठवें आरोपी शुभम शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। इसी आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय ने दुर्ग पुलिस की कार्यवाही पर सवाल उठाए थे। पुलिस ने मामले से जुड़े लगभग 30 सीसीटीवी फुटेज, आईपीडीआर, सीडीआर की बारी की से जांच की। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
दुर्ग पुलिस के मुताबिक शुक्रवार रात खुर्सीपार निवासी मलकीत सिंह (35 वर्ष) अपने दोस्त के साथ खुर्सीपार स्थित आईटीआई मैदान में बैठा हुआ था। इस दौरान गदर 2 फिल्म के एक डायलॉग को लेकर दो गुटों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। इस झगड़े में मलकीत सिंह को गंभीर चोटें आई और उसकी इलाज के दौरान रायपुर के रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल रायपुर में मौत हो गई। मृतक गुरुद्वारा बेबे नानकी जी प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार कुलवंत सिंह का बेटा था। इससे पूरा सिक्ख समुदाय इकट्ठा हो गया था।
सिक्ख समुदाय ने थाने का घेराव किया और देखते ही देखते इस पूरे मामले में कई भाजपा नेता शामिल हो गए। बाद में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पाण्डेय अनिश्चित कालीन धरने पर बैठ गए। उन्होंने दुर्ग पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि आईटी सेल से जुड़े होने के चलते पुलिस शुभम शर्मा को गिरफ्तार नहीं कर रही है। पुलिस पर लगातार कार्यवाही का दबाव बढ़ता जा रहा था, इधर आरोपी कांग्रेस नेता का भाई होने के कारण पुलिस कार्यवाही से कतरा रही थी।
नाबालिग समेत 6 आरोपी गिरफ्तार :
पुलिस ने एक नाबालिग समेत 5 आरोपी तरुण निषाद (22), तसव्वुर खान (20), शुभम लहरे (21) और फ़ैसल क़ुरैशी (23) निवासी खुर्सीपार को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन आरोपी शुभम शर्मा और सहायता राशि की मांग को लेकर परिजन और भाजपा नेता थाने के सामने धरने पर बैठ गए थे। शुभम शर्मा की संलिप्तता सामने आने के बाद उसे भी गिरफ्तार किया गया। मृतक के स्वजन और घटना के गवाह लगातार शुभम शर्मा पर भी हत्या का आरोप लगाते हुए उसकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। लेकिन, पुलिस उसे आरोपी नहीं मान रही थी।
सिक्ख समाज के आन्दोलन के कारण हुई कार्यवाही :
सत्ताधारी दल से जुड़े नेता का भिया होने और सांप्रदायिक मुद्दा होने के कारण पुलिस कार्यवाही से कतरा रही थी, इधर सिक्ख समाज के आन्दोलन पर शुभम शर्मा की गिरफ्तारी सहित मुआवजा और नौकरी की मांग को लेकर सोमवार को जोरदार प्रदर्शन हुआ। सिख समाज के आह्वान पर भिलाई-दुर्ग बंद रहा। सिख समाज ने खुर्सीपार थाना के सामने नेशनल हाईवे पर चक्काजाम किया था। भाजपा ने रैली निकाली, तब प्रशासन पर दबाव बना। प्रशासन ने 10 लाख रुपये मुआवजा, मृतक की पत्नी को संविदा नौकरी और बच्चों को स्वामी आत्मानंद स्कूल में पढ़ाने की बात कही। वहीं पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय के कहने पर पुलिस ने घटना के चश्मदीद गवाह ओम कुमार उर्फ पलटू का सीआरपीसी की धारा 164 के तहत कलमबद्ध बयान कराया। इस प्रक्रिया के बाद पुलिस ने मंगलवार को शुभम शर्मा को गिरफ्तार किया। जबकि पुलिस शुभम को अपराधी नहीं मान रही थी।
गमगीन माहौल में किया गया अंतिम संस्कार :
मलकीत सिंह के शव को मंगलवार दोपहर रायपुर मरच्युरी से खुर्सीपार घर लाया गया। शव लाते ही परिजन शव से लिपटकर रोते-बिलखते रहे। इसके बाद रीति-रिवाज के अनुसार रामनगर मुक्तिधाम में उसका अंतिम संस्कार किया गया। उनके अंतिम संस्कार में पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता प्रेम प्रकाश पाण्डेय, भिलाईनगर विधायक देवेंन्द्र यादव, हैवी ट्रांसपोर्ट कंपनी के डायरेक्टर इन्द्रजीत सिंह उर्फ छोटू सहित अन्य लोग पहुंचे थे।