रायपुर : ठगबाज हमेशा किसी ना किसी तरीके लोगों को ठग ही लेते है, लेकिन लोग सतर्क नहीं हो पाते, राजधानी में पुरानी गाड़ियों की खरीदी-बिक्री करने वाले कारोबारी रुपेंद्र निर्मलकर से 71 लाख रूपये की ठगी हो गई। उनकी डीलरशिप लाइसेंस में जीजा-साले ने सरोना में कारोबार शुरू किया था। आरोपियों ने 9 गाड़ियों को बैंक में गिरवी रखकर कर्ज ले लिया। उसके बाद भाग गए। बैंक ने पैसों की वसूली के लिए डीलर को नोटिस जारी किया है। पुलिस ने जालसाजी का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
जानकारी के अनुसार डीडी नगर निवासी रुपेंद्र निर्मलकर का आरएस मोटर के नाम से कारोबार है। वे पुरानी गाड़ियों की खरीदी-बिक्री करते हैं। उनके पास इसका लाइसेंस भी है। पांच साल पहले उनके पास सरोना का चंद्रशेखर सिंह और उसका साला तेजपाल सिंह उर्फ शुभम आए। दोनों ने आरटीओ से लाइसेंस लेने का प्रयास किया, लेकिन नहीं मिला। तब आरोपियों ने रुपेंद्र से साझेदारी में डीलरशिप मांगी। उसके बाद रुपेंद्र के लाइसेंस पर आरोपी सरोना में पुरानी गाड़ियों की खरीदी-बिक्री का काम करने लगे। इस दौरान आरोपी रुपेंद्र की कंपनी के नाम से गाड़ियां फायनेंस भी करने लगे।
आरोपियों ने 9 पुरानी गाड़ियों को बेचने के लिए अलग-अलग नामों से 71 लाख का कर्ज लिया और पूरे पैसे खर्च कर दिए। बैंक में किस्त जमा नहीं होने पर रुपेंद्र को नोटिस जारी हुआ तब फर्जीवाड़ा सामने आया। इस घटना के बाद दोनों आरोपी जीजा साला फरार है और व्यापारी मुसीबत में है, जिसको लेकर रुपेंद्र निर्मलकर ने थाने में शिकायत दर्ज करवाई है।