ठगी के आरोपियों पंकज और गुरमुख चंदनानी के खिलाफ थाने में शिकायत, पिता-पुत्र ने समझौते के नाम पर पीड़ित को कहा जो करना है कर लो।

रायपुर : ए.वी. गिफ्ट के संचालक गुरमुख चंदनानी और उनके पुत्र पंकज को लेकर पीड़ित विजय जीवन ने थाने में शिकायत कर दी है, जिसको लेकर गुरमुख चंदनानी और उनके पुत्र पंकज पीड़ित विजय जीवन के दुकान पहुंचे वहां जाकर उन्होंने विजय से बातचीत कर के कहा कि हमारे पास इतनी रकम नहीं है, कम रकम में समझौता कर लीजिये, और अपनी शिकायत वापस ले लीजिये, जिसको लेकर विजय ने कहा कि समझौते के लिये और अपनी रकम के लिये मैंने आपको लगातार कहा कि मैंने यह रकम आपकी मदद के लिये परिचितों से लेकर दी है, लेकिन आपने उसके लिये कोई पहल नहीं की, फिर मुझे मजबूरन थाने में शिकायत दर्ज करवानी पड़ी, अब इस मामले कोई समझौता कर पाना मुश्किल है, मुझे इस मामले में कार्यवाही चाहिये। यदि आप पूरी रकम लौटा दें, तो इस पर आगे कार्य किया जाये, अन्यथा शिकायत दी जा चुकी है। इस मामले में विजय द्वारा कोई भी समझौता करने से साफ़ मना कर दिया गया, तो पिता – पुत्र ने कहा अब जो करना है कर लो, मेरे खिलाफ कुछ नहीं कर पाओगे केस तो 50% जीत ही चूका हूँ समझो, इस मामले कुछ भी नहीं हो पायेगा, अभी-भी मौका है, जो मिल रहा है ले लो, नहीं तो ये भी नहीं मिलेगा।

ये था मामला :

विजय जीवन अनमोल गिफ्ट से कि ए.वी. गिफ्ट के संचालक गुरमुख चंदनानी और उनके पुत्र ने व्यक्तिगत जरूरत बताते हुये उनसे लगभग 8 लाख रूपये की राशि ली थी जिसकी एवज में उन्होंने कहा था कि उनकी एक जमीन ग्राम नरदहा, रायपुर स्थित है, उसे उक्त रकम के बदले उनके नाम पर रजिस्ट्री करवा देंगे, अभी उन्हें रकम की सख्त जरूरत है कहा था। यह राशि विजय ने अपने रिश्तेदारों और परिचितों से लेकर आरोपियों को दी थी। पैसे का लेनदेन वर्ष 2017 में हुआ था। वर्ष 2018 में जब विजय जीवन ने उन्हें कहा कि उक्त जमीन की रजिस्ट्री करवा दी जाये अथवा रकम उन्हें लौटा दी जाये तो आरोपी उन्हें घुमाने लगे। उसके बाद प्रार्थी ने उक्त जमीन की जानकारी निकालना शुरू करवाया तो उसमें पता चला कि आरोपियों द्वारा बताई गई जमीन उनकी नहीं है, जिसको लेकर पीड़ित ने उनसे अपने रुपये लगातार वापस मांगे, फिर उन्हें अपनी दुकान बेचकर पैसा देने की बात कही, और दुकान बिकने के बाद भी रकम नहीं लौटाई। अंततः विजय जीवन ने थाने में शिकायत दर्ज करवा दी।