रायपुर : छत्तीसगढ़ में 2000 करोड़ के घोटाले में राज्य की बड़ी हस्तियों के नाम आ चुके है, जिसमें अनवर ढेबर ईडी की विशेष अदालत में शराब घोटाला मामले में आरोपी अनवर ढेबर और नितेश पुरोहित ने आवेदन पेश किया है। आवेदन में अनवर ढेबर और नितेश पुरोहित ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर छूट की मांग की है। वहीं, मंगलवार को देर शाम ईडी की ओर से आवेदन किया गया है। जिसमें अदालत से आग्रह है कि, अनवर ढेबर नितेश पुरोहित और त्रिलोक ढिल्लन के खिलाफ तत्काल गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाए। माना जा रहा है कि विशेष न्यायालय में दोनों याचिकाओं की सुनवाई 11 अक्टूबर को हो सकती है। ED ने इस मामले घोटाले के आरोपियों को लेकर गिरफ्तारी की मांग की है।
दरअसल, हाल ही में हाईकोर्ट में जस्टिस गौतम भादुड़ी की बेंच में अनवर ढेबर, नितेश पुरोहित, त्रिलोक ढिल्लन और अरुणपति त्रिपाठी की परमानेंट जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। इस जमानत याचिका के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी और प्रफुल्ल भारत ने यह तर्क था कि मामले की सुनवाई पर रोक लगी हुई है और ईडी ने जो कार्यवाही की है उसमें कार्यवाही के लिए ईडी के पास समय तय नहीं है। वहीं, ईडी की ओर से विशेष लोक अभियोजक डॉ सौरभ कुमार पांडेय ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए तर्क दिया था कि किसी ऊपरी अदालत ने ईसीआईआर को रद्द नहीं किया है।
उन्होंने कहा कि शेड्यूल अफेंस के लिए मामला विचार में है। विजय मदनलाल केस में जो तीन प्रकृति है उनमें ऐसी कोई प्रकृति इस केस में नहीं है जिस आधार पर याचिकाकर्ताओं को जमानत का लाभ मिले। हाईकोर्ट ने सभी तर्कों को सुनने के बाद याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश जमानत आवेदन खारिज कर दिए गये। रायपुर कोर्ट में दिए आवेदन हाईकोर्ट के इसी फैसले से संबंधित हैं।
आत्मसमर्पण करना होता है :
नियमानुसार जमानत याचिका खारिज होने पर आरोपी को अदालत के सामने आत्मसमर्पण करना होता है। ईडी के प्रकरणों में सक्षम अदालत ईडी स्पेशल कोर्ट है। रायपुर की इस स्पेशल कोर्ट में अनवर ढेबर और नितेश पुरोहित की ओर से अधिवक्ता फैजल रिजवी ने आवेदन पेश किया है। इस आवेदन को लेकर अधिवक्ता फैज़ल रिजवी ने बताया – हमने कोर्ट में आवेदन दिया है और इस आवेदन में अभिलेखों के साथ उल्लेख किया है कि अनवर ढेबर गंभीर रूप से बीमार हैं। उनके ऑपरेशन होने हैं, जिसको लेकर कोर्ट से जमानत की आवश्यकता है। वहीं, नितेश पुरोहित का उपचार अहमदाबाद में चल रहा है। न्यायालय के आदेश का पूरा सम्मान करते हैं और आदेश के सम्मान में दोनों ही उपस्थित होंगे लेकिन अभी उनका उपचार जारी है। वर्तमान में उन्हें जमानत दी जाये।