रायपुर : जहाँ टिकट देने से पहले ही केन्द्रीय नेतृत्व नेताओं के कार्यों पर निगरानी कर रहा था, वहीँ अब जिनकी टिकट काटी गई है, उन पर पार्टी के जासूस लगातार निगरानी बनाकर रखे हुये है। विधानसभा चुनाव को लेकर पहले से ही सक्रिय रहे गुप्तचरों ने भाजपा की टिकट के घोषित होते ही अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। भाजपा में जिन दावेदारों की टिकट कटी है, उनमें से अनेकों ने विरोध के स्वर तेज कर दिए हैं। बाहरी और कमजोर प्रत्याशी का मुद्दा भी गरमाया हुआ है। क्षेत्रीय स्तर पर स्थानीय नेता के नाम पर भाजपा से जुड़े लोगों ने ही बवाल मचाया हुआ।
इधर, कांग्रेस की टिकट भी अब घोषित होने वाली है। ऐसे में गुप्तचरों की भूमिका बढ़ गई है। ये गुप्तचर विरोध को ताकने के साथ, क्षेत्र की परिस्थितियों पर अपनी सूक्ष्म दृष्टि रख रहे हैं। विरोध का परिणाम क्या होगा, जिन दावेदारों की टिकट काटी गई, वे कितना नुकसान पहुंचा सकते है, आदि पर भी रिपोर्ट लगातार तैयार की जा रही है। एक अनुमान के अनुसार, हर जिले में सरकारी स्तर पर पांच से अधिक तो निजी और राजनीतिक स्तर पर हर विधानसभा में इनके पांच से सात गुप्तचर सक्रिय हैं।
आरंग और धरसींवा में प्रत्याशियों का लगातार विरोध हो रहा है :
भाजपा ने रायपुर उत्तर से पुरंदर मिश्रा, धरसींवा में छत्तीसगढ़ी फिल्म अभिनेता अनुज शर्मा और आरंग में गुरु खुशवंत साहेब को प्रत्याशी घोषित किया है। इसे लेकर भाजपा के भीतर ही जमकर विरोध हो रहा है। रायपुर पश्चिम से भाजपा प्रत्याशी राजेश मूणत के विरुद्ध रेलवे से इस्तीफा देकर जनसंघ से जुड़े संतोष सिंह ने मूणत के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरने ताल ठोकी है। जबकि इन सभी जगहों पर भाजपा का गुणा – भाग सही बैठा है, यहाँ पार्टी की जीत लगभग तय है, यहाँ कोई भी बाहरी व्यक्ति के नाम की दिक्कत नहीं है, फिर भी माहौल को बदला जा रहा है।
इन्हें बनाया गया भाजपा प्रवक्ता :
संतोष सिंह का कहना है कि मूणत को हराना उनका उद्देश्य है। हालांकि टिकट की दौड़ से बाहर किए गए रायपुर से पूर्व विधायक श्रीचंद सुंदरानी, डा.विमल चोपड़ा, नवीन मारकंडे समेत हर्षिता पांडेय, संजय श्रीवास्तव, लक्ष्मी वर्मा और विकास मरकाम को साधने भाजपा प्रवक्ता बनाकर संतुष्ट करने की कोशिश की गई है। गुप्तचर इन सब की गतिविधियों पर दृष्टि रख रहे हैं। जबकि ये सभी नेता ऐसे है जो पार्टी विरोधी कदम उठाने का साहस नहीं कर सकते, फिर भी ये लोग नजरबंद है।
बस्तर में भी हो रहा विरोध :
बस्तर संभाग की 12 सीटों में तीन पर विरोध हो रहा है। जगदलपुर सीट से टिकट कटने के बाद पूर्व विधायक संतोष बाफना के समर्थक बिफरे हुए हैं। नक्सली हमले में चार साल पहले मारे गए पूर्व भाजपा विधायक भीमा मंडावी की बेटी ने मां ओजस्वी मंडावी को दंतेवाड़ा से टिकट नहीं दिए जाने को पिता के बलिदान का पार्टी में अपमान बताया है।
टिकट नहीं मिलने वालों ने पार्टी के खिलाफ खाेला मोर्चा :
सुकमा सीट में भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष हुंगाराम मरकाम ने टिकट नहीं मिलने पर नाराजगी व्यक्त की है।उन्होंने कहा की उनके साथ अन्याय हुआ है। इसी तरह से सरगुजा,रायगढ़, बिलासपुर, कोरिया आदि जिले में भी भाजपा के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ टिकट से वंचितों ने मोर्चा खोलकर पार्टी के लिए सिरदर्द पैदा कर दिया है। ऐसे में यहां बन रहे समीकरणों को देखने-जानने और समझने के लिए गुप्तचरों की गतिविधियां तेज होते जा रही हैं। ज्यादा विरोध या खेल बिगड़ने को लेकर इन सभी जगह से अचानक प्रत्याशी भी बदलने की कवायद हो सकती है।