इंदौर (म.प्र.) : एक मासूम पर मधुमक्खियों के हमले से मौत का मामला सामने आया है , जहाँ मधुमक्खियों के कारण एक मासूम की मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार एमवाय अस्पताल में मधु मक्खियों के हमले का शिकार हुए तीन साल के मासूम की बुधवार देर रात मौत हो गई। धार जिले के मनावर के पास गांव में मधुमक्खियों ने हमला किया था। वह इस कदर जख्मी था कि मुंह की अंदर तक मधुमक्खियां घुस गई थीं। डॉक्टरों ने उन्हें भी निकाला लेकिन जान नहीं बचाई जा सकी। डंक का जहर फैलने और श्वांस नली में सूजन के कारण बच्चे के शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। तड़पते हुये मासूम की मौत हो गई।
एमवाय चौकी पुलिस के मुताबिक मृतक बच्चे का नाम रवींद्र दीपक भावेल है, जिसे रात 9 बजे धार के भोज जिला अस्पताल से इंदौर एमवाय लाया गया था। हमले में मासूम के बड़े भाई और मां भी जख्मी हुई हैं जिनका इलाज चल रहा है, मासूम की मौत के बाद परिवार गमगीन है।
खेत पर गए थे, तब हुआ हमला :
परिवार ने बताया बुधवार सुबह 10 बजे अंजू, पांच साल का बेटा आर्यन और छोटा बेटा रवीन्द्र खेत के लिए पैदल जा रहे थे। 200 मीटर दूर मधुमक्खियों का झुंड ने हमला कर दिया। संभलने का भी मौका नहीं मिल सका। रवींद्र के पूरे शरीर पर मधुमक्खियां चिपक गईं। मधु मक्खियों ने बड़े भाई और मां को भी डंक मार दिए थे। रवींद्र दर्द और डर के मारे रोने लगा। इधर मां अंजू दोनों बच्चों को लेकर भागी और परिवार को बताया। तीनों को धामनोद अस्पताल लाया गया। हालत बिगड़ने पर धार शिफ्ट कर दिया गया। इसके बाद छोटे बेटे रवीन्द्र की हालत देर शाम बिगड़ गई तो एमवाय अस्पताल रैफर कर दिया गया था जहां उसकी मौत हाे गई। मां और बड़ा भाई खतरे से बाहर बताया गया है।
डॉक्टरों ने मुंह से निकाली मधु मक्खियां :
डॉक्टरों के मुताबिक रवींद्र को मधुमक्खियों ने ज्यादा नुकसान पहुंचाया था। जब इंदौर लाए तो सांस लेने वाली नली में भी मधु मक्खियां घुसी पाई गईं। सूजन हो जाने के साथ बच्चे को सांस लेने में भी दिक्कत आ रही थी। पूरे शरीर पर जख्म के निशान हो गए थे, बच्चा दर्द से कराह रहा था।
मधु मक्खी हमला करे तो ऐसे बचें :
- सुरक्षित स्थान पर जाकर खुद को मोटे चादर या कपड़े से पूरी तरह ढक लें।
- यथासंभव डंक बाहर निकालें। डंक अंदर टूटने न दें। ज्यादा गहरा है तो डॉक्टर को दिखायें।
- डंक वाली जगह गीला कपड़ा रखें या बर्फ का सेक करें। पानी और बोरिक सोडे का मिश्रण लगा सकते हैं।
- एक जगह पर भोजन की कमी आने से मधु मक्खियां इधर-उधर घूमती रहती है। इस दौरान खासकर धुएं से ये आक्रामक हो जाती है और हमला कर बैठती है।