रायपुर में सस्ती प्याज लेने उमड़ पड़े लोग, मात्र 25/- में बिक रहा है प्याज, ये है कारण….।

रायपुर : प्याज की कीमत बढ़ने का इशारा पहले ही मिल गया था, और अब प्याज की कीमतें आसमान छू रही है, इधर प्याज की कीमतों ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। ये लोगों की जेब ढीली कर रहा है। राजधानी रायपुर में प्याज के दाम 60 से 70 रुपए प्रतिकिलो तक पहुंच गए हैं। ऐसे में जब सड़क पर 25 रुपए किलो में प्याज मिलने लगा तो उसे खरीदने के लिए लोग टूट पड़े। राजधानी में बुधवार को ऐसा ही नजारा देखने को मिला। केंद्र सरकार के उद्योग मामले के मंत्रालय ने बुधवार को रायपुर के चौक-चौराहों में पिकअप में भर लोगों को प्याज का वितरण शुरू किया। तो प्याज खरीदने के लिए यहां लोगों की अच्छी खासी भीड़ लग गई। वितरण कर रहे लोगों ने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति को दो किलो प्याज देने का आर्डर आया है। इसलिए हम दो किलो प्याज बांट रहे हैं। इसके बाद भी लोगों ने मौके का फायदा उठाया और घर से दो-तीन लोगों को लाकर लाइन में लगकर 6 से 8 किलो प्याज खरीद लिया। ये पहला मौका नहीं है जब प्याज के दाम बढ़े है।

इसलिए बढ़ रहे हैं प्याज के दाम :

इसी बीच घरेलू बाजार में प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने पिछले दिनों प्याज निर्यात पर 800 अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 67 हजार रुपये प्रति मीट्रिक टन का न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) अधिसूचित कर दिया था। सरकार बफर के लिए अतिरिक्त 2 लाख टन प्याज खरीदने की भी तैयारी कर ली है। उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने बताया था कि फैसला 31 दिसंबर तक लागू रहेगा। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि मौसम के कारण खरीफ प्याज की बुआई देर हुई जिसके कारण नई फसल आने में देर हुई है। दूसरी ओर खरीफ प्याज की आवक अब तक शुरू हो जानी चाहिए थी, फसल पूरी तरह तैयार नहीं हो पाई है जिसके कारण दामों में वृद्धि हुई है। वहीं रबी सीजन की प्याज का भंडार खत्म होने से आपूर्ति कम हो गई है, जिससे कीमतें बढ़ रही हैं। बढ़ती कीमतों से आम आदमी का बजट बिगड़ रहा है और कहीं चुनावी रिजल्ट न बिगड़े इसका भी डर है।

चुनाव से भी जोड़ रहे हैं लोग :

25 रुपए प्रतिकिलो की दर से प्याज खरीद रहे लोगों में चर्चा आम थी कि विधानसभा चुनाव के कारण केंद्र सरकार ने प्याज का वितरण शुरू किया है। लोगों का कहना था कि घरेलू बाजार में प्याज की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में प्याज की किल्लत से बचने और ज्यादा उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यह फैसला लिया गया है। इसके जरिए आसमान छूती कीमतों को काबू में रखने की कोशिश की जायेगी। ताकि चुनाव में जनता के पास गलत संदेश न जाए। लोगों का कहना था कि महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पहले ही आलोचना झेल रही है इसी के डैमेज कंट्रोल के लिए यह मुहिम शुरू की गई है। जहाँ आम आदमी ठन्डे व्यापार से परेशान है वहीँ बढ़ती महंगाई की दोहरी मार से भी जूझ रहा है।