रायपुर : आज नामांकन वापसी का आखरी दिन था, अजीत कुकरेजा को चुनाव आयोग की तरफ से ट्यूबलाईट चुनाव चिन्ह आबंटित कर दिया गया है, इससे उनके चुनाव ना लड़ने की संभावनाओं पर ब्रेक लग गया है। प्रदेश में हो रहे विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा जो चर्चा हो रही है, उसमें एक प्रमुख विधानसभा क्षेत्र रायपुर उत्तर भी शामिल है। वैसे तो छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में एक से एक धुरंधर बड़े नेता चुनाव लड़ रहे हैं पर अभी सबकी नज़रें व चर्चा का केंद्र जो बना हुआ है वह रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र है। यहाँ अजीत कुकरेजा ने लगातार आम जनता का दिल और चुनाव दोनों जीता है। वैसे तो यहां से कांग्रेस के प्रत्याशी वर्तमान विधायक कुलदीप जुनेजा है। कुलदीप जुनेजा ने अजीत कुकरेजा को टिकट देने के नाम पर कहा था मुझे टिकट दो या ना दो, लेकिन अजीत कुकरेजा को छोड़कर किसी को भी दे दो।
निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर कांग्रेस के ही दो बार के पार्षद रहे कर्मठ युवा कार्यकर्ता अजीत कुकरेजा निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर ताल ठोक कर चुनाव मैदान में उतर गए हैं जिस तरह आखिरी दिन उन्होंने नामांकन भरा, वह नामांकन रैली में जन सैलाब उमड़ पड़ा, उसे देखकर बड़े से बड़े नेता, एवं प्रमुख पार्टियों के प्रत्याशी भी हैरान और परेशान हो गए है। अजीत कुकरेजा दोनों पार्टियों को भारी नुकसान पहुँचाने की क्षमता रखते है। जहाँ भाजपा के सिन्धी वोट अजीत के पक्ष में आयेंगे वहीँ कांग्रेस के 50% से ज्यादा वोट जिनमें मुस्लिम, क्रिश्चियन और गरीब तबके सहित सभी जाति वर्ग के मिलेंगे।
अजीत से जब उनके घर पर माचिस मीडिया न्यूज़/हमर संगवारी की टीम ने सवाल किये तो अजीत ने हर सवाल का जवाब बड़े ही सरलता, शालीनता और आत्म विश्वास के साथ दिये। उन्होंने बताया कि 40 सालों से ज्यादा समय से हमारा परिवार कांग्रेस से जुड़ा हुआ है दो बार में पार्षद रहा हूं पार्टी की निस्वार्थ सेवा की है। 2018 में भी विधानसभा चुनाव में मेरा नाम सबसे आगे था टिकट के लिए और मुझे विश्वास भी था कि मुझे टिकट मिलेगी पर कहीं ना कहीं पार्टी ने मेरा नाम काटकर दूसरे व्यक्ति को टिकट दे दी इस बार भी मेरा नाम सबसे ऊपर चल रहा था पर इस बार भी 2018 की तरह मेरे नाम को काट दिया गया। वर्तमान विधायक को यह टिकट दी गई जबकि उनका बहुत विरोध हो रहा है कांग्रेस की सरकार होने के बाद भी वह काम नहीं कर पाए हैं और मैं एक पार्षद रहते हुए भी अपने वार्ड के साथ-साथ पूरे विधानसभा क्षेत्र में काम किया है। लोगों के बीच में रहा हूं, लोगों के सुख दुख में साथ खड़ा रहा हूं, आज जो मैं चुनाव लड़ रहा हूं, वह जन भावनाओं की कदर करते हुए लड़ रहा हूं।
जनता चाहती है कि मैं चुनाव लडू जनता का प्यार है विश्वास है जो नामांकन रैली में जन सैलाब उमड़ा इसमें हर समाज के लोग बड़ी संख्या में आकर रैली में शामिल हुए । सभी धर्म एवं समाज के लोग भारी संख्या में स्वेच्छा से खुद ब खुद आए और नामांकन रैली में एक जन सैलाब उमर पाड़ा। मुझे पूर्ण विश्वास है कि इस चुनाव में एक नया इतिहास बनेगा और उन लोगों को आम जनता सबक सिखाएगी जो झूठे वादे करते हैं जनता को मूर्ख समझते हैं। मैं जनता के आशीर्वाद से चुनाव जीतने के बाद सारे विकास के कार्य कराऊंगा जो जो विधानसभा क्षेत्र में कमियां है उन्हें आम जनता से सलाह करके उन्हें दूर करने का पूरा प्रयास करूंगा।
अजीत कुकरेजा ने आगे कहा कि मैं नेता नहीं हूं जनता का सेवक हूं मैं यहां पैसा कमाने नहीं आया हूं, सेवा करने आया हूं पार्षद रहते हुए जो मैंने कार्य किए हैं, वह जनता ने देखे हैं, वार्ड के लोगों ने देखा है, विधानसभा के लोगों ने देखा है। इसलिए आम जनता मुझे इतना प्यार करते हैं। वह चाहते हैं कि मैं विधायक बनकर जनता की सेवा करूं इसीलिए मैंने सभी के प्यार आशीर्वाद को सर्वोपरि मानकर मैंने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन भरा। पार्टी को नेता चाहिए कार्यकर्ता नहीं चाहिए अगर कार्यकर्ता चाहिए होते तो आज यह हालत नहीं होती पार्टी में कार्यकर्ताओं का मान सम्मान नहीं होना ही पार्टी को कहीं ना कहीं नुकसान उठाना पड़ेगा। मुझे सभी काआशीर्वाद मिल रहा है। सभी की दुआएं हैं मेरे साथ। मैं यह चुनाव नहीं लड़ रहा हूं बल्कि जनता खुद चुनाव लड़ रही है मैं तो सिर्फ एक चेहरा हूं। जनता ने मुझे आगे रखा है। मुझे विश्वास है सभी के मान सम्मान की जीत होगी समस्त सिन्धी समाज के साथ ही मुझे गरीब तबके और अन्य सभी जाति वर्ग, समाजों का बहुत प्यार और समर्थन मिल रहा है, मेरे समर्थक भी मेरे साथ बड़ी मजबूती से खड़े है।