नई दिल्ली : वर्ल्ड कप में भारत ने शानदार प्रदर्शन किया है, जिसको लेकर दुनिया सभी क्रिकेट प्रेमी भारत की प्रशंसा कर रहे है, और भारत विरोधियों को कड़ा जवाब भी दे रहे है, उसमें अफगानिस्तान के मुस्लमान जहाँ भारत के साथ खड़े नजर आते है वहीँ पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। मोहम्मद शमी की बेहतरीन गेंदबाजी से आईसीसी वनडे विश्व कप 2023 में टीम इंडिया ने लगातार 7वीं जीत हासिल की है, अभी तक भारतीय टीम ने एक भी मैच नहीं हारा है। भारतीय टीम ने श्रीलंका को 302 रनों के बड़े अंतर से हराया है और आधिकारिक रूप से सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बनी। गेंदबाजी में टीम इंडिया के लिए शमी ने 5 ओवर में सिर्फ 18 रन देकर 5 विकेट अपने नाम किए। शमी के इस दमदार खेल से पूरे देश में खुशी की लहर है, लेकिन पड़ोसी आवाम के लोग शमी की इस सफलता को नहीं पचा पा रहे हैं और इसे धर्म के साथ जोड़कर भारत और पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ जगह उगलने का काम कर रहे हैं।
दरअसल सोशल मीडिया पर सैफ नाम के एक यूजर ने शमी की वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, ‘मोहम्मद शमी पांच विकेट लेने के बाद सजदा करना चाहते थे, लेकिन उन्होंने तुरंत खुद को रोक लिया, क्योंकि जिस देश के लिए वह खेलते हैं वहां के फैंस में इस्लामोफ़ोबिया है। यह मोदी के अधीन आज के भारत का सटीक प्रतिनिधित्व करता है।’ जहाँ भारतीय यूजर ने इनके ट्विट पर कड़ा ऐतराज जताया है, वहीँ अफगानी क्रिकेट फैन्स ने भी इनकी उतार दी है।
सैफ के इस ट्वीट को पाकिस्तान के पूर्व मंत्री फवाद चौधरी ने री-ट्वीट कर लिखा, ‘प्राउड मोमेंट मोहम्मद शमी’ हालांकि सैफ ने जो वीडियो शेयर किया है उसमें कहीं से भी ऐसा नहीं लग रहा है कि वह सजदा करने के लिए घुटने पर बैठे हैं। शमी जश्न मनाते हुए नीचे बैठे थे, जिसके बाद बाकी के खिलाड़ी भी उनके पास आ गए। इसके अलावा शमी को कभी नहीं देखा गया है कि उन्होंने क्रिकेट के मैदान पर मैच के दौरान कभी सजदा किया है।
ऐसे में सैफ ने जो वीडियो शेयर किया है इससे साफ पता चलता है कि उनके मन में भारत के प्रति कितनी नफरत है और उस नफरत को वह धर्म का चोगा पहनाकर सही साबित करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि शमी को लेकर जो ट्वीट किया गया और फवाद चौधरी ने उसका जिस तरह से समर्थन करते हुए री-ट्वीट किया उसके क्या मायने हैं। क्या इस्लाम के प्रति भारत और पीएम मोदी की छवि ख़राब करने की यह साजिश तो नहीं है। भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है और यहां सभी धर्म के लोगों को अपने हिसाब से अपने मजहब को मानने की आजादी है।
यही कारण है कि सैफ और फवाद चौधरी शायद यह भूल गए कि पूरे पाकिस्तान की जितनी जनसंख्या है उससे कही अधिक मुस्लिम समुदाय के लोग हंसी खुशी से भारत में रहते हैं। भारत को मोहम्मद शमी पर गर्व है और रहेगा, लेकिन पाकिस्तान के लोग उनकी सफलता को धर्म के साथ जोड़कर आग उगलने से बाज नहीं आएंगे। इनका ये प्रोपेगेंडा नहीं चलने वाला, लेकिन इनकी इस हरकत से क्रिकेट फैन्स के बीच पाकिस्तान एक बार फिर शर्मसार हो गया है।
मोहम्मद शमी के साथ सिराज भी चमके:
सिर्फ मोहम्मद शमी ही, नहीं टीम इंडिया की इस जीत में सिराज ने भी गदर मचाया है। सिराज ने सात गेंद के भीतर श्रीलंका के तीन विकेट को धराशाई कर दिया है। मैच के बाद कप्तान रोहित शर्मा ने भी शमी और सिराज की जमकर तारीफ की और उन्हें जीत का हीरो बताया। जहाँ अफगानिस्तान की जीत पर भारत ने भी ख़ुशी मनाई और अफगानिस्तान ने भी पाकिस्तान पर अपनी जीत भारत को समर्पित की है, वहीँ भारत – अफगान की दोस्ती से पाकिस्तान जल भुन गया है।
टीम इंडिया में कभी भी किसी भी आधार कोई भेदभाव नहीं किया जाता है। यही कारण है कि देश को सभी खिलाड़ियों पर नाज है। चाहे वह किसी भी मजहब हो लेकिन पाकिस्तान को इसकी आड़ में नफरत फैलाने से बाज आना चाहिए।