कारोबारी के ड्राइवर के घर ED का छापा, मिले करोड़ों रुपये, महादेव एप से भी जुड़े होने का जिक्र, रकम चुनाव में खपाने की जानकारी, बंद हुये 2000 के नोटों का जखीरा भी मिला।

रायपुर : राज्य में आचार संहिता के कारण ज्यादा रकम के परिवहन पर पुलिस की चेकिंग जारी है, वहीँ ED के छापे लगातार पड़ रहे है, जब्ती की रकम पर लोग सही कागजात नहीं दिखा पा रहे है, वहीँ महादेव एप से जुड़े लोगों द्वारा सट्टे की रकम को चुनाव में लगाने की भी जानकारी मिल रही है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने गुरुवार को रायपुर के एक होटल के सामने एक कूरियर के एसयूवी वाहन से लगभग 3.12 करोड़ रुपये जब्त किए हैं। आशंका है कि यह राशि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से चुनाव में खर्च करने के लिए भेजी गई थी।

हिरासत में लिए गए कूरियर कर्मी की निशानदेही पर भिलाई में रायगढ़ के एक कारोबारी के ड्राइवर आसिम दास के निवास पर भी ईडी ने दबिश दी, लेकिन वह फरार हो गया था। टीम के अधिकारी ताला तुड़वाकर घुसे। मकान की तलाशी के दौरान दीवान के नीचे और कमोड़ में भी छिपाकर रखे गए रुपये मिले। रात 12 बजे तक तीन मशीनों से नोटों की गिनती जारी थी। यहां लगभग 10 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है।

टीम को मिले करोड़ों रुपये :

जानकारी के अनुसार ईडी के सात अधिकारियों की टीम और अर्द्धसैनिक बल के जवान दिल्ली पासिंग तीन गाड़ियों से रायपुर पहुंचे थे। टीम में एक महिला अधिकारी भी है। यहां दोपहर एक बजे कूरियर कर्मी को हिरासत में लेने के बाद टीम भिलाई निकल गई। वहां आसिम दास उर्फ बप्पा के हाउसिंग बोर्ड जामुल के ब्लाक-15, क्वार्टर नंबर-17 निवास पहुंची। टीम को मिली रकम 2,000 और 500 के नोटों में है, जबकि इधर दो हजार के नोट बंद हो चुके है।

बताया जाता है कि दोपहर लगभग तीन बजे कुछ युवक बोरों में कुछ लेकर आसिम के घर पहुंचे थे। बोरे छोड़कर वे चले गए थे। टीम देर रात को भी उसके निवास में डटी हुई है। पता चला है कि आसिम पूर्व में भिलाई की पार्षद और मेयर इन कौंसिल (एमआइसी) प्रभारी रीता गेरा का ड्राइवर था। यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि यह राशि महादेव सट्टा एप के संचालकों से जुड़ी है या हवाला की है। इस पर तहकीकात जारी है।

चुनाव में लगाने की चर्चा :

यह चर्चा गर्म है कि यह रकम महादेव ऑनलाईन सट्टा एप के संचालकों से जुड़ी हुई है, जो संयुक्त अरब अमीरात से भेजी गई है। बता दें कि महादेव एप मामले में ईडी द्वारा हाल ही में एक आरोप पत्र दायर किया गया था, जिसमें कुल 14 आरोपियों को नामित किया गया था। इसमें महादेव बुक एप के मुख्य संचालक सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के नाम भी शामिल हैं। बता दें कि सात और 17 नवंबर को दो चरणों में मतदान होना है। चुनाव में लोगों में उपहार बांटने के लिये बड़ी मात्रा में रकम खर्च की जाती है, जिससे चुनाव प्रभावित होता है।

छत्तीसगढ़ में राजनीति हुई तेज :

चुनावी माहौल के बीच महादेव बैटिंग एप एक बड़ा मुद्दा बन चुका है, बीजेपी आरोप लगाती है कि प्रदेश की भूपेश बघेल की सरकार की जानकारी में इस पूरे कांड को अंजाम दिया गया है, वहीं सीएम बघेल कहते हैं कि इस ऐप को वो बंद नहीं कर सकते क्योंकि राज्य सरकार बंद नहीं कर सकती है, केवल केंद्र सरकार ही इसे बंद कर सकती है।

सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है :

छत्तीसगढ़ में महादेव बैटिंग एप के प्रमोटर द्वारा भेजा गया कैश पकड़े जाने के बाद ईडी की जांच खत्म नहीं हुई है, ईडी लगातार सर्च अभियान चला रही है। माना जा रहा है कि प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी इस तरह का कैश बरामद हो सकता है।