कुत्तों के आतंक के साय में राजधानीवासी, अब ढाई साल की बच्ची को कुत्तों ने घसीटा, 10 से ज्यादा जगहों पर बना घाव, देखकर दहल जायेंगे।

रायपुर : कुत्तों की बढ़ती संख्या और आतंक से राजधानी वासी डर के साय में जी रहे है, ठंड आते ही राजधानी में एक बार फिर कुत्तों का आतंक बढ़ गया है। गली-मोहल्लों में कुत्तों का झुंड अब बच्चों को निशाना बना रहा है। रविवार की देर रात एक ऐसी घटना रामनगर के गुलमोहर पार्क में देखने को मिली। जहां रात 11 से 11.30 बजे के बीच अन्य बच्चों के साथ खेल रही ढाई साल की बच्ची को कुत्तों के झुंड ने अपना शिकार बना लिया।

कालोनी में कई बच्चे खेल रहे थे, उन्हीं के साथ रितेश अग्रवाल की बेटी भी खेल रही थी। इसी दौरान बच्ची अन्य बच्चों से थोड़ा अलग होकर सड़क के दूसरी ओर गई, जहां कुत्तों के झुंड ने बच्ची पर हमला कर दिया और घसीट कर ले जाते रहे। आसपास लोगों ने जब हल्ला शोर मचाया, तब कुत्ते बच्ची को छोड़कर भागे। इस पूरे घटनाक्रम में बच्ची को 12 से अधिक जगह पर खरोच और चोट आई है। बच्ची के ऊपर कुत्तों के हमले से बच्ची और परिजन सहम गये।

बच्ची के हाथ, पीठ, गले सहित कई जगहों पर चोट आई है। वहीं बच्ची के पिता ने बताया कि अगर कुछ देर और विलंब होता तो और ज्यादा चोटें आ सकती थीं। इसके बाद बच्ची को निजी अस्पताल ले जाया गया और इलाज करवाया गया। अब बच्ची की हालत स्थिर बताई गई है।

पहले भी हो चुकी हैं घटनायें :

रायपुर शहर में कुत्तों के हमले की यह पहली घटना नहीं है, शहर के हर गली मोहल्ले में यही हाल है, सरकारी अस्पतालों में प्रति घंटे एक पीड़ित पहुँच रहा है। इससे पहले भी कई बार ऐसी घटनाएं देखने को मिल चुकी हैं। पिछले वर्ष भी रामनगर, कचना सहित कई अन्य जगहों में इस तरह की घटनाएं देखने को मिली थीं। उस समय भी कुत्तों ने बच्चों को अपना शिकार बनाया था।

घटना की शिकायत के बाद निगम ने करवाई नसबंदी :

निगम के अफसरों के अनुसार सुबह सात बजे आवारा कुत्तों को लेकर निदान 1100 पर जनशिकायत की गई। इस पर डाग कैचर वाहन की टीम ने त्वरित रूप से रामनगर गुलमोहर पार्क क्षेत्र और उसके आसपास अभियान चलाकर सात श्वानों और संध्या को तीन श्वानों की धरपकड़ की। निदान 1100 में प्राप्त जनशिकायत का त्वरित निदान किया। साथ ही त्वरित रूप से उनकी नसबंदी भी की गई।

शिकायत आने पर होता है निराकरण :

कुत्ते पकड़ने वाली टीम रोजाना क्षेत्रों का भ्रमण कर रही है और नसबंदी भी की जा रही है। इसके अलावा जहां से जन शिकायत आती है, उनका भी निराकरण करवाया जाता है।

-नागभूषण राव, अध्यक्ष, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, रायपुर