रायपुर : राज्य में लगातार सड़क हादसे बढ़ रहे हैं। खासकर राजधानी रायपुर में हादसे काफी बढ़ गये है, जिसमें तेज रफ़्तार वाहन डिवाइडर से टकराना, जिसमें कल ही भाटागांव चौक के आगे कुशालपुर चौक के पहले रात को लगभग 8:30 बजे तेज रफ़्तार कार का डिवाइडर से टकराने से एक्सीडेंट हो गया, गाड़ी की तेज रफ़्तार के कारण उसकी कार का इंजन गाड़ी से अलग होकर फेंका गया, इन घटनाओं में जान गंवाने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। उससे कहीं ज्यादा संख्या घायलों की हैं। इसका सबसे बड़ा कारण तेज रफ्तार के साथ ही नशा और रॉन्ग साइड से ड्राइविंग सामने आया है, इसमें सड़क में बढ़ते गड्ढे और बेतरतीब वाहनों का चलाना भी शामिल है। एक दिन पहले ही प्रदेश में अलग-अलग हुए 6 हादसों में 9 की मौत हुई थी।
छत्तीसगढ़ पुलिस के आंकड़ों पर गौर करें तो इस साल हाईवे पर लगभग 4800 हादसों में लगभग 850 लोगों की मौत हुई है। वहीं साल 2022 में 13000 से ज्यादा हादसों में 5800 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी, जबकि 11 हजार से ज्यादा लोग घायल हुए थे। जान गंवाने वालों में सबसे ज्यादा रायपुर में हैं। रायपुर में बढ़ती जनसँख्या के हिसाब से सड़कें व्यवस्थित नहीं है, साथ में शहर के अंदरूनी हिस्सों में गड्ढों की संख्या के साथ उनका आकार भी बड़ा हो रहा है, संतोषी नगर चौक के सर्विस रोड में 5 फुट से बड़ा और दो फुट गहरा गड्ढा हो गया है। कांक्रीट सड़क में मरम्मत सही तरीके से नहीं हो पाती।
नशा और रफ्तार छीन रहे जिंदगी :
प्रदेश में हो रहे सड़क हादसों पर गौर करें तो सबसे ज्यादा नशे और तेज रफ्तार के चलते हो रहे हैं, लोग संकरी सड़क में भी तेज गति से वाहन दौड़ा रहे है। इसके अलावा नियमों का उल्लंघन बड़ा कारण बन रहा है। खासकर सड़कों पर रॉन्ग साइड बड़ी संख्या में जानलेवा साबित हुआ है। छत्तीसगढ़ पुलिस के आंकड़े कहते हैं कि हाईवे पर रॉन्ग साइड के चलते हुए हादसों में सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं।
छत्तीसगढ़ पुलिस की वेबसाईट के मुताबिक 2022 में सड़क हादसों में 5,834 लोगों की मौतें हुई हैं। इसमें कुल सड़क हादसे 1,3,286 हैं। हादसे में घायल लोगों की संख्या 1,728। इसमें सबसे ज्यादा रायपुर में हादसे हुए हैं, मौतें भी रायपुर में सबसे ज्यादा हुई हैं। रायपुर में 583 लोगों ने अपनी जान गंवाई है।