बांग्लादेशी अबु तालेब, असलम शेख और इनकी पत्नियों फातिमा बीबी, यास्मीन ने 21 लाख रूपये कि चोरी को राजधानी में दिया अंजाम, पति फरार महिलायें गिरफ्त में।

रायपुर : बांग्लादेश के घुसपैठिये कई बार पश्चिम बंगाल से सटे बॉर्डर से देश में घुस आते है, और लूट-डकैती , चोरी , बलात्कार की घटनाओं को अंजाम देकर वापस भाग जाते है, अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत उन्हें पकड़ना काफी मुश्किल हो जाता है, ये बड़ी ही आसानी से देश में विविध घटनाओं को अंजाम दे देते है। ऐसी ही एक चोरी की घटना माना थाना क्षेत्र के सिद्धी विनायक कालोनी की है, जहाँ स्थित सूने मकान का ताला तोड़कर लाखों रुपये की चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह की दो महिला आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वहीं मुख्य आरोपी फरार हो गये है। पुलिस उनकी तलाश में है। फरार आरोपी मूलत: बांग्लादेश के रहने वाले हैं। आरोपी अबु तालेब, असलम शेख फरार है। इनकी पत्नी फातिमा बीबी और यास्मीन बीबी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

आरोपी माना क्षेत्र में किराए के मकान में रूके थे। मौका देखकर चोरी की वारदात की उसके बाद यहां से फरार हो गए। महिला आरोपियों को पश्चिम बंगाल के जिला दक्षिण 24 परगना स्थित ग्राम बांसरा से गिरफ्तार किया गया है। इनके कब्जे से चोरी की नकदी रकम तीन लाख 50 हजार और चांदी की दो जोड़ी पायल, ट्राली बैग और घटना में प्रयुक्त दो नग मोबाईल फोन जब्त किया गया है। फरार आरोपियों ने सोने-चांदी के जेवर और नकदी अपने पास रखे हैं।

प्रार्थी सुरेन्द्र साहू ने थाना माना में रिपोर्ट दर्ज कराया कि वे सिद्धी विनायक कालोनी माना कैंप में रहता है। जमीन खरीदी-बिक्री का काम करता है। 17 नवंबर को वह घर में ताला लगाकर अपनी पत्नि व पुत्री के साथ घुमने गया था। शाम को वापस घर आकर देखे तो बेडरूम का दरवाजा खुला हुआ था, सामान जमीन पर बिखरा हुआ था। बेडरूम के खिड़की का रॉड भी टूटा हुआ था। वहीं से चोर अंदर प्रवेश किए और वारदात कर फरार हो गए। रिपोर्ट के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साईबर यूनिटऔर थाना माना पुलिस की संयुक्त टीम को पश्चिम बंगाल के जिला दक्षिण 24 परगना रवाना किया गया। टीम के सदस्यों द्वारा ग्राम बांसरा पहुंच कर आरोपियों की पतासाजी करते हुए प्रकरण में संलिप्त महिला आरोपित यास्मीन बीबी एवं फातिमा बीबी को पकड़ा गया। पूछताछ में दोनों महिला आरोपी द्वारा अबु तालेब मोल्ला और असलम शेख के साथ मिलकर चोरी की उक्त घटना को अंजाम देना बताया गया। पुलिस फरार आरोपियों की खोज में लगी हुई है।

बांग्लादेशी चोरों का यह है तरीका :

बांग्लादेशी चोर भारत में जैसे तैसे प्रवेश करते हैं। इसके बाद वह दूसरे शहर में जाते हैं। वहां महिलाओं से दोस्ती करते हैं। उन्हें शादी का झांसा देते हैं। दिखावे के लिए शादी भी कर लेते हैं। इसके बाद अलग-अलग राज्यों में जाते हैं। वहां फिर किराए के मकान में रहते हैं। क्षेत्र में फेरीवाला बनकर घूमते हैं। इसके बाद मौका पाकर चोरी की वारदात करते हैं। इस केस में भी ऐसा ही किया गया। 12 नवंबर को वह माना क्षेत्र में आकर किए के मकान में रूके। 17 को वारदात कर फरार हो गए। मकान मालिक किराया नामा तक थाने में नहीं दे सका। कई बांग्लादेशी पश्चिम बंगाल के रास्ते भारत में प्रवेश करते है और घटनाओं को अंजाम देकर निकल जाते है।