इंदौर (म.प्र.) : भारत का संविधान जब लिखा गया था, तब उसके पहले पन्ने को डिजाईन किया गया था। शहर के भार्गव परिवार के पास वर्षों से सुरक्षित संविधान का पहला पन्ना अब गायब हो गया है। इसे तैयार करने वाले इंदौर के दीनानाथ भार्गव की पत्नी प्रभा भार्गव ने पन्ना गायब होने की शिकायत पुलिस में की है। उनका कहना है कि उनका छोटा पुत्र इसे बगैर बताए कहीं ले गया है और मांगने पर लौटा भी नहीं रहा है। यह पन्ना उनके पास सालों से सुरक्षित था।
गौरतलब है कि संविधान का पहला पन्ना वर्षों तक चितावद स्थित आनंद नगर में रहने वाले दीनानाथ भार्गव के परिवार पास था। संविधान के कवर पर अशोक स्तंभ की डिजाइन इंदौर के चित्रकार दीनानाथ भार्गव ने ही तैयार की थी। स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री पं.जवाहरलाल नेहरू ने संविधान की डिजाइनिंग के लिए गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के शांति निकेतन को जिम्मा सौंपा था। जहाँ यह पन्ना तैयार किया गया था।
12 होनहार छात्रों का किया था चयन :
उस समय कला भवन के प्राचार्य नंदलाल बोस ने संविधान के सभी पन्नों पर आउट लाइन व मुख्य पृष्ठ तैयार करने के लिए संस्था के 12 होनहार छात्रों का चयन किया गया था। दीनानाथ भार्गव भी इन चुने गए छात्रों में से एक थे। उनकी डिजाइन अन्य छात्रों के मुकाबले बेहतर थी। यही वजह थी कि बोस ने उन्हें अशोक स्तंभ व 20 पृष्ठों के आउटलाईन डिजाईन की जिम्मेदारी भी सौंप दी।
क्या है इस खास पन्ने की कहानी :
संविधान के कवर पेज पर अशोक स्तंभ बनाने के पहले दीनानाथ भार्गव ने एक महीने तक कोलकाता के प्राणी संग्रहालय जाकर शेरों के हाव-भाव, डील-डौल और भाव-भंगिमाओं का अध्ययन किया था। संविधान के पहले पन्ने पर बने अशोक स्तंभ की डिजाइन को तैयार करने के दौरान उस पर ब्रश गिर गया था। इससे उसके स्थान पर भार्गव ने दूसरा पन्ना तैयार किया और इस पन्ने को संभालकर अपने पास रखा था। तब से यह पन्ना उनके पास सुरक्षित था।
परिवार ने संभालकर रखा था इस पन्ने को :
यह पहला पन्ना वर्षों से भार्गव परिवार के पास रहा। दीनानाथ भार्गव का 24 दिसंबर 2016 को निधन होने के बाद उनके परिवार ने इस पन्ने को सहेजकर रखा था। हाल ही में दीनानाथ भार्गव की पत्नी ने इस संविधान के पहले पन्ने को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उनके अनुसार इस पन्ने को उनका छोटा बेटा कहीं ले गया है, लेकिन उसके बारे में कोई जानकारी नहीं दे रहा है।