हार और खरीद – फरोख्त से डर में कांग्रेस, कर रही है ये इंतजाम….।

रायपुर : चुनाव के परिणाम की तारीख जैसे – जैसे नजदीक आ रही है, प्रत्याशियों की धडकनें लगातार बढ़ रही है, जहाँ क्या होगा परिणाम सोचकर सहमे हुये है वहीँ कांग्रेस को ऑपरेशन लोटस का डर सता रहा है, दूसरी तरफ भाजपाई जीत को लेकर आश्वस्त है, परिणाम जो भी आये सरकार तो भाजपा की बनना तय है। छत्तीसगढ़ में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे परसों 3 दिसम्बर रविवार को आएंगे। इससे पहले गुरुवार को अलग-अलग एग्जिट पोल सामने आए हैं। इसमें नई सरकार के गठन को लेकर कई तरह के आंकड़े सामने आए हैं। इसके बाद से कांग्रेस-भाजपा दोनों दलों में इन आंकड़ों को लेकर बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। दिल्ली से रायपुर लौटने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भारी बहुमत के साथ सरकार बनाने का दावा किया। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इस बार 52 सीटों के साथ सरकार बनाने की बात कही है। एग्जिट कांग्रेस की जीत बता रहे है, आमतौर पर परिणाम इसके उलट ही होता है।

खरीद-फरोख्त के डर से कांग्रेस आजमाया है ये तरीका :

आज जहाँ रायपुर पहली बार अंतरराष्ट्रीय टी-20 मैच का गवाह बनने जा रहा है। शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में शुक्रवार को भारत और ऑस्ट्रेलिया की युवा क्रिकेटरों से बीच रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा। इसी बीच चर्चा है कि कांग्रेस ने अपने सभी उम्मीदवारों को क्रिकेट मैच देखने के बहाने रायपुर बुलवाया है। इसके तहत वे एक मीटिंग भी करेंगे। कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों को एक जुट रखने का पूरा इंतजाम कर लिया है।

इन चार पॉइंट में समझिए…

 कांग्रेस ने अपने सभी उम्मीदवारों, पूर्व विधायकों और जिन्हें टिकट नहीं दिया गया था, उन सभी को क्रिकेट मैच देखने की आड़ में आमंत्रित किया है।

 एग्जिट पोल के नतीजे से अप्रभावित कांग्रेस ने अपने सभी प्रत्याशियों को जीत के लिए आश्वस्त किया है, हालाँकि शीर्ष नेता परिणाम को लेकर खुद डरे हुये है।

 पार्टी ने अपने सभी उम्मीदवारों को विजय के पश्चात रायपुर आकर सर्टिफिकेट प्राप्त करने का आदेश दिया है।

 पार्टी हल्कों में यह चर्चा है कि सभी जीते हुए विधायकों को 3 दिसम्बर को रातों-रात बेंगलुरु शिफ्ट किया जा सकता है, बताया बेंगलूर जा रहा है, लेकिन इंतजाम कहीं और करने की बात भी सामने आ रही है।

दिल्ली के बड़े नेता छत्तीसगढ़ में डालेंगे डेरा :

एग्जिट पोल के आंकड़ों के बाद राजनीतिक दलों के शीर्ष नेतृत्व में लगातार बेचैनी दिखाई दे रही है। राजनीति के जानकार भी इस बात की आशंका जता रहे हैं कि यदि किसी भी दल को भारी बहुमत नहीं आता है, तो तोड़-फोड़ की राजनीति हो सकती है। इसके मद्देनजर कांग्रेस-भाजपा के वरिष्ठ नेता रायपुर पहुंचने की तैयारी में है। इसके साथ अपने प्रत्याशियों के बाड़ाबंदी करने की रणनीति पर भी काम शुरू हो गया है। इस बार किसी एक पार्टी को पूर्ण बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है, जिसके कारण जहाँ कांग्रेस ज्यादा डरी हुई है, वहीँ भाजपा को भी थोड़ा – बहुत लग रहा है।