रायपुर : अक्सर लोग चमकती हुई चीज और विज्ञापन के हिसाब से सामान खरीदते है, वहीँ जहाँ सड़क पर सामान्य फल सस्ते में बिकते है तो लोग उन्हें नहीं खरीदते, लेकिन वही फल जब बड़े दुकानों में माँ से चमकाकर बेचे जाते है तो लोग उनकी तरफ आकर्षित होका महंगे में खरीद लेते है।
बाजार में लगातार काफी समय से वैक्स कोटेड फल और सब्जियां खुलेआम बिक रही है। बाजारों में सब्जियों और फलों को चमकाने के लिए पेट्रोलियम लुब्रिकेंट्स लगाए जा रहे हैं, जो स्वास्थ्य के लिए भारी नुकसानदायक है। इस पर फूड सेफ्टी विभाग को कार्यवाही करने के निर्देश एफएसएसएआई ने जारी किए हैं। जब लोग राजधानी के शास्त्री बाजार से 200 रुपए किलो वाला सेब खरीदकर उसे ब्लेड से खरोंचते है तो उसमें वैक्स की एक लेयर निकलती है। लालपुर थोक फल मंडी में फल की दुकानों पर सेब की कई वैरायटी मौजूद रहती है। सामान्य सेब 120 रुपए किलो और इम्पोर्टेड सेब 200 रुपए किलो है। महंगे सेब में कुछ अलग चमक थी। जब लोगों ने उसे ब्लेड से खुरचना शुरू किया तो मोम की परत निकलने लगी।
इसलिए लगाया जाता है वैक्स:
साधारण फलों को वैक्सिंग के जरिए महंगे दामों पर बेचना आम बात है। इससे लोग आसानी से झांसे में आ जाते हैं। उसने बताया कि ऐसे फलों पर कई बार स्टिकर लगाकर उसे इम्पोर्टेड बताया जाता है, जबकि ये सामान्य फल होते ही होते है। इस तरह से उसी गुणवत्ता के फलों को अलग-अलग दामों पर बेचना आसान होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ फलों पर लगाए जाने वाले स्टिकर्स पर मौजूद गम को भी सेहत के लिए खतरनाक मानते हैं। ये सभी अलग – अलग बीमारियों को पैदा करते है, जो मानव शरीर के लिये हानिकारक होते है।
ऐसे होगा हानिकारक फलों और सब्जियों से बचाव :
चमकते फल या सब्जियां खरीद लिया है तो उसे गर्म पानी में डुबाएं। कपड़े से अच्छी तरह से साफ करें इससे वैक्स कोटिंग काफी हद तक साफ हो जाएगी। अट्रैक्टिव रेड दिखने वाले प्रोडक्ट को न खरीदें। इम्पोर्टेड के नाम पर बिकने वाले प्रोडक्ट की जगह देसी आइटम खरीदें। इसी तरीके से सड़क किनारे बिकने वाले मोमोस और वेज पकोड़ा में भी लाला रंग और केमिकल मिलाये जाते है। जैसे जलेबी में रंग मिलाने की जानकारी लोगों को पहले से ही होती है, आकर्षक चीजें लोग जल्दी खरीदते है, इसी का फायदा व्यापारी उठाते है।
लिवर-किडनी के लिए भी नुकसानदेह :
फलों व सब्जियों को चमकाने के लिए जहां वैक्स का इस्तेमाल होता है, वहीं आम, केला और पपीता जैसे फलों को जल्दी पकाने के लिए कार्बाइड का इस्तेमाल किया जाता है। रसायन युक्त मोम लगा या कार्बाइड से पका फल खाने से शरीर में टॉक्सिन की मात्रा बढ़ जाती है। यह लीवर और किडनी के लिए भी नुकसानदेह होता है।
डॉ. मनोज लाहोटी, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और हेपेटोलॉजिस्ट