रायपुर : ईश्वर साहू आज छत्तीसगढ़ की राजनीति एक नया चेहरा और जाना माना नाम हो गये है, इनको लेकर भाजपा ने जो वादा किया और इन्हें चुनाव में खड़ा किया, जिसके बाद ये चुनाव जीत चुके है, भाजपा के नेतृत्व ने इन्हें न्याय दिलाने की बात की थी, अब बड़े – बड़े दिग्गजों के बीच में इन्हें पर्याप्त सम्मान कैसे मिलेगा और इनको जिस न्याय की बात कही गई थी, उसका क्या होगा? ऐसी बहुत सी बातें जनता के दिमाग में लगातार चल रही है, जिसको हर कोई जानना चाहता है।
आइये जानते है ईश्वर साहू के बारे में :
राजधानी रायपुर से लगभग 110 किलोमीटर दूर बिरनपुर गांव में कथित तौर पर स्कूली बच्चों के बीच झगड़े के बाद हिंसा भड़क गई थी। इस झड़प में एक स्थानीय युवक भुनेश्वर साहू (22) की मौत हो गई और तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। मंगलवार को गांव में स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब पुलिसकर्मियों ने गांव से कुछ किलोमीटर दूर दो शव बरामद किए। तब अधिकारियों ने बताया कि शव पर चोट के निशान मिले हैं तथा दोनों बिरनपुर गांव के ही निवासी थे।
क्या है शैक्षणिक योग्यता :
छत्तीसगढ़ में भाजपा की नई सरकार बनने जा रही है। 90 सीटों पर विधायकों की शैक्षणिक योग्यता पर गौर करें तो वर्तमान में पांचवीं पास से लेकर पूर्व कलेक्टर, डॉक्टर और वकील, इंजीनियर आदि शामिल हैं। भाजपा के ज्यादातर विधायक न्यूनतम स्नातक हैं। जबकि पिछली कांग्रेस सरकार में कवासी लखमा के शपथ ग्रहण को लेकर भी सवाल उठे थे।
लोरमी विधायक अरुण साव एलएलबी, भाजपा के रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी पूर्व कलेक्टर रह चुके हैं, वहीं भाजपा से लगातार आठवीं बार विधायक बनने वाले बृजमोहन अग्रवाल भी एलएलबी पास हैं। पूर्व मुख्यमंत्री व राजनांदगांव विधायक डा.रमन सिंह ने बीएएमएस की पढ़ाई की है। रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है।
इसी तरह धरसींवा विधायक अनुज शर्मा व बलौदाबाजार से भाजपा विधायक टंकराम वर्मा एलएलबी है। रमन सरकार में वाणिज्यिक कर मंत्री रहे बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल ने बीकाम की पढ़ाई की है। बिल्हा से भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक व जगदलपुर विधायक किरण देव एलएलबी हैं।
कम पढ़े-लिखे विधायकों में यह है शामिल :
कोंटा से कांग्रेस विधायक कवासी लखमा सिर्फ साक्षर हैं। उन्होंने अपने शपथ-पत्र में किसी कक्षा का नहीं बल्कि साक्षर होने की बात लिखी है। कोरबा से भाजपा विधायक लखनलाल देवांगन ने सातवीं, रामपुर से फूलसिंह राठिया ने आठवीं की पढ़ाई की है, वहीं साजा विधायक ईश्वर साहू सिर्फ पांचवीं पास हैं।
ईश्वर साहू को राजनीति में लाकर कितना सही किया, क्या उन्हें मिलेगा पर्याप्त सम्मान :
ये वही ईश्वर साहू ने हैं जिनके बेटे भुवनेश्वर साहू की बिरनपुर में हुई सांप्रदायिक हिंसा के दौरान मौत हो गई थी, जिसके बाद क्षेत्र की जनता में काफी आक्रोश था, लेकिन आरोपियों को पर्याप्त सजा नहीं मिल पाई, जिसको लेकर भाजपा ने ईश्वर साहू से कहा ईश्वर ये जनता ही तुझे न्याय देगी, इसके बाद 28 साल के विधायक रविन्द्र चौबे को इन्होने 7000 वोटों से पराजित किया। अब भाजपा में इन्हें सम्मान देने की बात पर लोगों में उत्सुकता है, जहाँ नरेंद्र मोदी और भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व पर कोई संदेह नहीं है, जिसके कारण ईश्वर साहू को पर्याप्त सम्मान भी मिलेगा, और उन्हें पूरा न्याय भी मिलेगा। आम जनता की सहानुभूति इनके साथ बनी हुई है और वो हमेशा रहेगी।