लखनऊ (उ.प्र.) : राजधानी लखनऊ में एक सरकारी अधिकारी की बेटी के साथ दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। 3 आरोपी 25 किमी तक चलती कार में छात्रा के साथ दुष्कर्म करते रहे, उसे पीटते रहे, अश्लील वीडियो बनाते रहे, लेकिन पुलिस को भनक तक नहीं लगी। इस दौरान कार कई थानों के सामने से गुजरी। छात्रा चिल्लाती रही, लेकिन कार में बज रहे संगीत के तेज आवाज में उसकी आवाज दब गई। आरोपी छात्रा को लेकर यहां-वहां घूमते रहे। इस दौरान एक स्थान पर खाना लेने भी उतरे। तब मौका पाकर छात्रा ने अपने सहेली को पहले कॉल किया, लेकिन बात नहीं हो सकी। फिर छात्रा ने अपनी लोकेशन भेजी, लेकिन सहेली उसे समझ नहीं सकी। यदि वो समझ जाती और समय रहते पीड़िता के माता-पिता और पुलिस को सूचना होती तो घटना से बचा जा सकता है।
घटना है लखनऊ के वजीरगंज क्षेत्र के केजीएमयू में इलाज कराने गई सेवानिवृत्त पीसीएस अधिकारी की 22 वर्षीय बेटी को तीन युवकों ने अगवा कर शहर भर में घुमाया और उसे एक ढाबे पर ले गये। जहां आरोपियों ने उसे नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश कर दिया। चलती कार में तीनों आरोपियों ने लगातार गैंगरेप किया। इस दौरान आरोपियों ने छात्रा का अश्लील वीडियो भी बनाया। छात्रा के घर पहुंचने के बाद परिजनों से शिकायत की।
इलाज के बाद पहुंची थाने :
इलाज कराने के बाद पीड़िता ने वजीरगंज थाने में तहरीर दी, जिसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त कार को बरामद कर लिया। पकड़े गए आरोपियों में से दो केजीएमयू के बाहर चाय का ठेला लगाते है, जबकि एक युवक एम्बुलेंस का चालक है।
डीसीपी पश्चिम राहुल राज और एसीपी चौक सुनील कुमार शर्मा ने किया खुलासा :
डीसीपी पश्चिम राहुल राज के मुताबिक विभूतिखंड में सेवानिवृत्त पीसीएस अधिकारी की 22 वर्षीय बेटी का केजीएमयू के मानसिक रोग विभाग में इलाज चल रहा है। वह इलाज के लिए यहां अकेले आया करती है। अस्पताल के बाहर चाय का ठेला लगने वाले सत्यम मिश्रा से उसकी जान-पहचान हो गई। पीड़िता के मुताबिक बीते 5 दिसंबर को वह इलाज के लिए पहुंची थी। डॉक्टर को दिखाने के बाद वह सत्यम की दुकान पर चाय पीने के लिए पहुंच गई। इसी बीच उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। इस पर उसने सत्यम से मोबाइल चार्ज करने के लिए कहा, तो सत्यम ने एक एम्बुलेंस चालक की गाड़ी में उसका मोबाइल को चार्जिंग पर लगवा दिया। आरोप है कि कुछ देर बाद उसने सत्यम से अपना मोबाइल लेकर आने की बात कही, तो सत्यम ने बताया कि एम्बुलेंस चालक गाड़ी को लेकर डालीगंज गया है।
खाने के साथ ही पीला दिया था नशीला पदार्थ :
दबाव डालने पर सत्यम पीड़िता को ई- रिक्शे से डालीगंज लेकर पहुंचा, तब पीड़िता को बताया गया कि एम्बुलेंस चालक आईटी चौराहे पर है। पीड़िता सत्यम को लेकर आईटी चौराहे पर पहुंची, तो वहां कोई नहीं मिला। इसी बीच एक वैगनआर कार पीड़िता के पास पहुंची। कार में खराद खाना निवासी मो. सुहैल और बाजारखाला के विक्टोरिया महल टुडियागंज निवासी मो. असलम सवार थे। आरोपियों ने पीड़िता को कार में बैठा लिया और उसे बाराबंकी के सफेदाबाद के एक ढाबे पर लेकर पहुंचे।
पहले आरोपियों ने उसे खाना खिलाया, फिर उसे नशीला पदार्थ पिला दिया जिससे वह बेसुध हो गई। आरोपियों ने उसे दोबारा गाड़ी में बैठाया और चलती कार में सामूहिक दुष्कर्म किया। होश में आने पर पीड़िता विरोध करने लगी, आरोपियों ने उससे मारपीट की और उसका अश्लील विडियो भी बना लिया। तीनों ने बहाने से छात्रा का अपहरण किया, फिर बारी-बारी से दुष्कर्म किया। इस दौरान तीनों गांजे का नशा करते रहे।
लखनऊ में बलात्कार करने के बाद आरोपी घुमाते रहे : पीड़िता
पीड़िता का आरोप है कि आरोपी करीब एक घंटे तक उसे शहर भर में कार से घुमाते रहे, जिसके बाद आरोपियों ने उसे इंदिरा नगर के मुंशी पुलिया चौराहे पर कार से उतार भाग निकले। किसी तरह पीड़िता सहेली के घर पहुंची और उससे आपबीती बताई। वहां से युवती किसी तरह बड़ी मुश्किल से अपने घर पहुंची। रविवार को पीड़िता ने वजीगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया। डीसपी ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर मड़ियांव के ताड़ीखाना निवासी सत्यम मिश्रा पुत्र चन्द्र प्रकाश मिश्रा, बाजारखाला शाही खराद खाना निवासी मो. सुहेल पुत्र मुन्ना अली और टुडियागंज निवासी मो. असलम पुत्र हारुन को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त कार, मोबाइल फोन और 19830 रुपए बरामद किया है।
आरोपियों ने बनाया अश्लील वीडियो :
एडीसीपी पश्चिमी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के मोबाइल फोन से बनाई गयी युवती की अश्लील वीडियो मिली है। उनका कहना है कि घटना के बाद से युवती काफी सहमी हुई है। समाज में बदनामी के चलते उसने शिकायत नहीं की थी। रविवार को युवती ने हिम्मत जुटाते हुए शिकायत की। सूत्रों का कहना है कि सबसे पहले युवती ने विभूतिखंड थाने में शिकायत की, लेकिन पुलिस ने पश्चिम जोन में घटना का हवाला देते हुए कार्यवाही नहीं की। पुलिस का कहना कि मुकदमा दर्ज कर तीनों आरोपियों को शिक्षा भवन के पास से गिरफ्तार किया गया है। अभी तीनों आरोपी पुलिस गिरफ्त में है।
पुलिस व्यवस्था की खुली पोल :
दिल्ली में साल 2012 में को फिजियोथेरेपिस्ट के साथ चलती बस में हुई दरिंदगी की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इसके बाद महिलाओं युवतियों की सुरक्षा के कई इंतजाम बनाए गए। ठीक दिल्ली की ही तरह की इस घटना ने फिर से मानवता को शर्मसार कर दिया। हाइटेक पुलिसिंग व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। लड़कियां आज भी सुकून से अकेले कहीं आजा पाने में डरती है, जबकि उत्तरप्रदेश में पुलिस व्यवस्था पहले की अपेक्षा मजबूत हुई है , लेकिन घटना के बाद दूसरे थाने भेजना और थानों के सामने से अपराधियों की गाड़ी निकलने के बाद भी पुलिस की लापरवाही सामने आ रही है।