एमपी से छत्तीसगढ़ आकर बनाया गिरोह, करने लगे बाइक की चोरी, आठ बाईक के साथ आरोपी गिरफ्तार।

अंबिकापुर : राज्य लगातार वाहन चोरी हो रही है, खबर है कि अंबिकापुर में पुलिस ने ऐसे ही वाहन चोर गिरोह को पकड़ा है। दूसरे प्रदेश के बदमाश सरगुजा संभाग मुख्यालय अंबिकापुर में किराये के मकान में निवास करते हुए स्थानीय बदमाशों के साथ मिलकर अपना नया गिरोह बनाया, फिर दोपहिया वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। यह सनसनीखेज खुलासा गांधीनगर पुलिस ने करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से आठ मोटरसाइकिल बरामद करने में सफलता पाई है। पुलिस के मुताबिक इस गिरोह का सरगना मध्य प्रदेश के ग्राम बरछापुरा सीहोर निवासी राहुल विश्वकर्मा पिता शांति लाल विश्वकर्मा (26 वर्ष) है, जो यहाँ आकर इस क्षेत्र के लोगों के साथ अपना गिरोह बनाया और फिर वाहनों की चोरी को अंजाम देने लगा।

पुलिस ने सरगना के अलावा गिरोह के अन्य तीन सदस्य सोनू किर्तनिया पिता सोना किर्तनिया (24 वर्ष) निवासी डिगमा गांधीनगर, मनबोध राम उर्फ एलेक्स पैकरा पिता कलम राम (24 वर्ष) निवासी बफौली अंबिकापुर हाल मुकाम नमनाकला, गोपी विश्वास पिता निताई विश्वास (35 वर्ष) निवासी सिलफिली थाना जयनगर हालमुकाम बौरीपारा अंबिकापुर को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से मोटरसाइकिल बरामद किया गया।

कौन है गिरोह को सरगना?

इस मामले का खुलासा करते हुए एडिशनल एसपी पुपलेश कुमार, गांधीनगर थाना प्रभारी जॉन प्रदीप लकड़ा ने बताया कि गिरोह का सरगना राहुल विश्वकर्मा के खिलाफ पूर्व में भी मारपीट, लूटपाट और ठगी का मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया कि शहर के ठनगन पारा स्कूल रोड निवासी शुभम शर्मा घटना दिवस 26 नवंबर को पीजी कॉलेज के बास्केटबॉल मैदान में खेलने गया था। अपनी मोटरसाइकिल को उसने मैदान के सामने खड़ा किया था।. थोड़ी देर बाद जब वह बाहर निकला तो बाईक वहां नहीं थी। इस मामले में गांधीनगर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 379 के तहत अपराध दर्ज किया गया था और पुलिस चोरों की पतासाजी करने लगी।

आरोपी निवास बदल-बदल कर रहे थे चोरी :

एडिशनल एसपी पुपलेश कुमार ने बताया कि गिरोह का सरगना राहुल विश्वकर्मा शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में किराये के मकान में निवास करते हुए अन्य बदमाशों से पहचान बना ली थी, जिसके बाद उन्होंने नया गिरोह बना लिया था। वे किराये का मकान बदल-बदल कर चोरी की वारदात को अंजाम दे रहे थे। मुखबिरों की तरफ से राहुल की संदिग्ध गतिविधि होने पर पुलिस को सूचना दी गई थी। खबर पर पुलिस ने सबसे पहले राहुल विश्वकर्मा को पकड़ा जब उसके साथ कड़ाई से पूछताछ की गई तब उसने चोरी करना स्वीकार करते किया और गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी भी दी जिससे कुल 4 आरोपी पकड़े गए। राहुल के साथ पाँचों आरोपी अब पुलिस गिरफ्त में है।

चुनावी आचार संहिता के चलते नहीं खपा पाए :

पुलिस ने बताया कि इन सभी आरोपियों की तरफ से लंबे समय से शहर में मोटरसाइकिल चोरी की घटना को अंजाम दिया जा रहा था। राज्य में चुनावी आचार संहिता के चलते वे मोटरसाइकिल को नहीं खपा पाए थे। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने उनके किराये के मकान से सात मोटरसाइकिल बरामद किया है, जबकि एक मोटरसाइकिल को मुख्य आरोपी के तरफ से सीहोर में पहुंचाना स्वीकार किया गया। पुलिस ने बताया कि उक्त मोटरसाइकिल बरामद करने भी टीम रवाना हो गई है। कुल मिलाकर इनके कब्जे में 8 बाईक मिली है।