नई दिल्ली : नरेंद्र मोदी का चेहरा देश में इतना मजबूत हो चूका है, कि विपक्षी समझ नहीं पा रहे है वो किसे अपना नेता बनाये? विपक्षी गठबंधन ‘इंडि’ की बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विपक्ष के पीएम चेहरे को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नाम का प्रस्ताव रखा। जानकार सूत्रों ने बताया कि इस प्रस्ताव का समर्थन दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी किया है।
तृणमूल कांग्रेस की चीफ ममता बनर्जी के प्रस्ताव पर खड़गे ने कहा कि हमें चुनाव जीतने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा, ”सभी लोग मिलकर काम करेंगे और सीट शेयरिंग को लेकर जिस राज्य में हमारे लोग हैं वो एक दूसरे से समझौता करेंगे। अगर समझौता नहीं बन सकता तो I.N.D.I. गठबंधन के लोग निर्णय करेंगे। सांसद नहीं हैं तो पीएम की बात का क्या फायदा? इसलिए हमें कोशिश करनी है पहले हम जीतकर आएं।”
वहीं मीटिंग में शामिल रहे राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) के चीफ जयंत चौधरी ने ममता बनर्जी के प्रस्ताव को लेकर कहा कि मैं इसकी पुष्टि नहीं कर सकता। ऐसे में अभी इसको लेकर मैं ना ही हां कह और ना ही नहीं कह रहा हूं। इंडी गठबंधन की सभी विपक्षी पार्टियों का आपस एकमत हो पाना भी मुश्किल है, ये लगातार एक-दूसरे की बातों का विरोध भी लगातार करते रहे है।
जानें क्या हैं मायने?
ममता बनर्जी का ये प्रस्ताव चौंकाने वाला है। टीएमसी और कांग्रेस बंगाल में धुर विरोधी मानी जाती है। इसकी झलकें दोनों दलों के नेताओं में देखी जाती रही है। यही नहीं इस प्रस्ताव के साथ ही साफ है कि ममता बनर्जी पीएम की रेस में खुद को नहीं देख रही हैं। इस बात से यही मायने सामने आ रहे है। वहीँ दिल्ली में जहाँ खुद केजरीवाल कांग्रेस का विरोध करते है, वहीँ वो इंडी गठबंधन के जरिये एकजुट होने का प्रयास कर रहे है।
मीटिंग में कौन-कौन शामिल हुआ?
नई दिल्ली के अशोक होटल में आयोजित इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, जेडीयू से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजीव रंजन सिंह, तृणमूल कांग्रेस से पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी, डीएमके की ओर से तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन, शिवसेना (यूबीटी) से उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की महबूबा मुफ्ती, अपना दल (के) से कृष्णा पटेल और पल्लवी पटेल और सहित कई अन्य नेता शामिल हुए।
कितनी बैठक हुई?
इससे पहले विपक्षी गठबंधन इंडिया की तीन बैठकें हो चुकी है। इसमें पहली मीटिंग बिहार के पटना में 23 जून को हुई थी। वहीं दूसरी मीटिंग बेंगलुरु में 17 और 18 जुलाई को हुई थी। इसके अलावा तीसरी बैठक मुंबई में 31 और 1 सितंबर को हुई थी। चुनाव नजदीक आ चूका है और विपक्षियों का अभी तक एजेंडा तय नहीं हो पाया है।