रायपुर : कोरोना की वापसी को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है, इधर प्रदेश में कोरोना के तीन मरीज मिले हैं, इनमें रायपुर, बिलासपुर और कांकेर के 1-1 मरीज हैं। तीनों मरीजों के सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए एम्स भेजे जायेंगे। इससे पता चलेगा कि ये नए कोरोना वेरिएंट जेएन-1 के हैं या नहीं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार ये वेरिएंट खतरनाक तो नहीं है, लेकिन अलर्ट रहने की बहुत जरूरत है। लोग भीड़ वाले क्षेत्रों में मास्क जरूर लगाएं, सावधानी बरतें।
जानकारी के मुताबिक फिलहाल तीनों मरीजों को होम आइसोलेशन में रखा गया है। गुरुवार को 1006 सैंपलों की जांच की गई। हालांकि ये जांच लक्ष्य के हिसाब से काफी कम हैं। प्रदेश में 33 जिले हैं। हर जिले को 100-100 सैंपलिंग का लक्ष्य दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में सैंपलिंग बढ़ाई जाएगी। लगातार सैम्पलों को जाँच के लिये भेजा जायेगा।
सर्दी-खांसी, वायरल फीवर वालों की होगी जांच :
सर्दी, खांसी के साथ वायरल फीवर व जिन्हें सांस लेने में तकलीफ है, उनकी जांच कराई जाएगी। इससे पॉजीटिव केस की संख्या बढ़ने की आशंका है। शासन ने सभी जिलों के कलेक्टर को पहले ही अलर्ट रहने को कहा है। आंबेडकर समेत बड़े अस्पतालों को तैयारी रखने को भी कहा गया है। फिलहाल आंबेडकर अस्पताल के आईसीयू में 16 बेड और पांच वेंटीलेटर रिजर्व रखा गया है। बाकी अस्पतालों में भी सुविधायें बढ़ाई जा रही है।
JN.1 वैरिएंट किन लोगों में तेजी से फैल रहा है?
आईएमए कोविड टास्क फोर्स के डॉ. राजीव जयदेवन ने गुरुवार को कहा कि नया स्ट्रेन वृद्ध लोगों और कई अन्य बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। उन्होंने कहा, “JN.1 एक तेजी से फैलने वाला वैरिएंट है। यह आबादी के उन लोगों को परेशान कर सकता है जो कि कमजोर आयु वर्ग, वृद्ध लोग और जिन्हें पहले से कई बीमारियां हैं। ऐसे व्यक्तियों को इसके परिणामस्वरूप अस्पताल में भर्ती होना पड़ सकता है और उसके बाद जटिलताएं बढ़ सकती हैं।” उन्होंने कहा कि नवंबर से कोविड-19 मामलों की संख्या में वृद्धि देखी गई है।