बीमारी से परेशान आदमी को सम्मोहित कर की लाखों की ठगी, पकड़ में आरोपी , रकम भी बरामद, ये था मामला….।

रायपुर : राजधानी के कोतवाली और टिकरापारा थाना क्षेत्र में दो अलग-अलग लोगों को उनकी बीमारी का उपचार करने का झांसा देकर सम्मोहन करके ठगी की गई। अपने आप यह अजीबो गरीब मामला है, जिसे कानून के हिसाब से मानना मुश्किल है, इस मामले में पुलिस ने एक संदेही को हिरासत में ले लिया है। साथ ही ठगी के लगभग दो लाख रुपये भी बरामद किए गए हैं। वहीं, घटना में शामिल अन्य ठगों की पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है। ये बुजुर्ग और महिलाओं को उनकी बीमारी ठीक करने का झांसा देकर ठगी करते थे।

जानकारी के मुताबिक पुलिस ने गुढ़ियारी थाना क्षेत्र में राजस्थान से आकर रह रहे आरके पठान उर्फ सलाउद्दीन को हिरासत में लिया है। कोतवाली थाना क्षेत्र में रहने वाले 80 वर्षीय बुजुर्ग रामगोपाल ब्यास के मुताबिक मंगलवार को वह सुबह सब्जी खरीदने शास्त्री बाजार गए थे। सब्जी खरीदकर वापसी के दौरान एक लड़का उनके पास पहुंचा और बुजुर्ग को उनके पैरों में तकलीफ होने बात कही। इसके बाद उसने उपचार के लिए अपने परिचित डाक्टर का नाम भी बताया। डाक्टर द्वारा घर आकर इलाज करने का झांसा दिया। बुजुर्ग ने झांसे में आकर अपने घर का पता बता दिया। इसी तरह ठगों ने टिकरापारा थाना क्षेत्र में रहने वाली एक महिला को इसी तरह से ही ठगी की है। ये लोगों की परेशानी का फायदा उठाकर ठगी करने पहुँच जाते थे।

एक लाख 80 हजार रुपये ली नकदी :

कथित फर्जी डाक्टर बुजुर्ग के पैरों का इलाज करने घर पर पहुंचा था। उस दौरान बुजुर्ग घर में अकेला था और घर में काम करने वाली बाई थी। ठग ने दवा की एक पर्ची तैयार कर दवा लेने नौकरानी को कृष्णा कांप्लेक्स स्थित एक मेडिकल दुकान में भेजा। इसके बाद उसने बुजुर्ग को सम्मोहित कर इलाज करने के नाम पर नगद रकम एक लाख 80 हजार रुपये ले लिया। ठग ने किसी कैमिकल का इस्तेमाल कर बुजुर्ग को अर्ध बेहोशी की हालत में लाकर ठगी का शिकार बनाया। ठगी का शिकार होने के बाद मामले में बुजुर्ग ने शिकायत दर्ज करवाई।

दवाई खरीदने दुकान गए तब खुला राज

इसी तरह आरोपियों ने टिकरापारा इलाके की एक बुजुर्ग महिला को भी झांसा दिया था। उन्हें भी एक युवक ने डॉक्टर सलाउद्दीन का नंबर दिया था। बुजुर्ग महिला ने अपने भतीजे के लिए उससे संपर्क किया। सलाउद्दीन उनके घर भी पहुंचा और उसी घुटनों में पाइप रखकर खराब खून निकालने का दावा किया। इसके बाद कुछ दवाइयां लिखकर दिया और उनसे कुल 60 हजार रुपए ले लिया था। दवाओं को आयुर्वेदिक दवाओं की दुकान से खरीदने के लिए कहा था। बुजुर्ग महिला दवा खरीदने गोलबाजार में आयुर्वेदिक दवा दुकान पहुंची, तो दुकानदार ने पर्ची में लिखी दवाओं को नकली बताया। वो दवाइयां बंद हो चुकी थी। दूसरी ओर बुजुर्ग के भतीजे के घुटनों का दर्द भी बंद नहीं हुआ था। बुजुर्ग महिला ने इसकी शिकायत थाने में की है। इस तरह दोनों घटनाओं में लाखों रूपये की ठगी की गई।