जमीन फर्जीवाड़े में अनवर आलम भिलाई से गिरफ्तार, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले भी चढ़ेंगे हत्थे। महिला को पुरुष बताकर की थी फर्जी रजिस्ट्री।

रायपुर : जमीन फर्जीवाड़ा मामले में पुलिस ने भिलाई, सुपेला से अनवर आलम को गिरफ्तार किया है। उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। वहीं फर्जी दस्तावेज बनाने वालों से भी पुलिस जल्द ही पूछताछ करेगी। आरोपी ने दिल्ली निवासी महिला कमलेश जैन की अटल नगर स्थित 10 एकड़ जमीन की खरीदी करने में फर्जीवाड़ा किया था। बताया जा रहा है कि जमीन की कीमत 100 करोड़ के आस-पास थी जिसे पौने चार करोड़ में फर्जीवाड़े से बेचना बताया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार अटल नगर के ग्राम तांदूल में फर्जी दस्तावेज बनाकर आरोपी ने 12.99 हेक्टेयर जमीन बेच दी थी। जमीन को तीन करोड़ 76 लाख में बेचा गया था। अटल नगर उप पंजीयक कार्यालय में इस जमीन की रजिस्ट्री बिना दस्तावेज की जांच किए करने की जानकारी आने के बाद मामले में राखी थाने में शिकायत के बाद अपराध दर्ज किया गया था। इसके बाद आरोपी अनवर आलम को गिरफ्तार किया गया है और उसे अभी जेल भी भेज दिया गया है।

21 दिसम्बर को कराई थी फर्जी रजिस्ट्री :

ग्राम तांदूल पटवारी हल्का नंबर 26 में कमलेश जैन निवासी गीता नगर समता कालोनी, रायपुर के नाम से नौ खसरा में कुल 12.99 हेक्टेयर जमीन है। जमीन बिक्री के लिए आकाश जैन निवासी निषाद पारा रायपुरा ने फर्जी ऋण पुस्तिका और फर्जी मुख्तियारनामा तैयार कराकर अनवर आलम निवासी कृष्णा नगर सुपेला भिलाई, जिला दुर्ग को बेच दिया था। नवा रायपुर उप पंजीयक कार्यालय में इस जमीन की रजिस्ट्री 21 दिसंबर 2023 को कराई गई थी। भूमि का फर्जी दस्तावेज बनाकर भूमि स्वामी कमलेश जैन जो कि महिला है काे विधवा बताकर उनके जमीन को बेचा गया।

एक माह पहले तैयार की गई मुख्तियारनामा :

जमीन को बेचने के लिए आकाश जैन ने फर्जी मुख्तियारनामा 23 नवंबर 2023 को अभनपुर उप पंजीयक कार्यालय से तैयार कराया गया था। उन्होंने कमलेश जैन के फर्जी ऋण पुस्तिका, फर्जी आधार कार्ड का उपयोग कर यह फर्जी दस्तावेज तैयार किया। पंजीयन के दस्तावेज में लगाए गए कमलेश जैन जो की महिला है के आधार कार्ड में उन्हें पुरुष बताया गया है। वहीं उनका आधार नंबर भी फर्जी तैयार किया गया है। आधार नंबर अलग है। असली आधार का प्रयोग नहीं किया गया है।

अपर कलेक्टर ने निर्देश पर नहीं दिया था ध्यान :

इस फर्जी मामले में जमीन मालिक कमलेश जैन को पूर्व में फर्जी ऋण पुस्तिका बनाने की सूचना मिलने की जानकारी मिलने पर अपर कलेक्टर से रायपुर को इसकी शिकायत की गई थी। मामले में अपर कलेक्टर रायपुर ने जिला पंजीयक और नवा रायपुर के उप पंजीयक को तांदूल पटवारी हल्का नंबर के इन नौ खसरा नंबर के जमीनों की रजिस्ट्री के समय दस्तावेजों की पूरी तरह से जांच करने के निर्देश जारी किए थे। अपर कलेक्टर के निर्देश के बावजूद उप पंजीयक ने ध्यान नहीं दिया था। अब जब यह फर्जीवाड़ा सामने आया है तो प्रशासनिक अमले पर सवाल उठ रहे है।