चार साल के बच्‍चे को पेसमेकर लगाकर आंबेडकर अस्पताल के डाक्‍टरों ने दी नई जिंदगी, मासूम के हृदय में जन्म से था ब्लाकेज।

रायपुर : मध्य भारत के सबसे बड़े आंबेडकर अस्पताल में स्थित एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट (ACI) के कार्डियोलाजी विभाग के डाक्टरों ने चार वर्ष के मासूम के हृदय में पेसमेकर लगाकर नई जिंदगी दी है। मासूम को जन्म से ही हृदय में ब्लाकेज (रूकावट) था, जिसके कारण उसके पल्स (नाड़ी) की गति 40 से 50 बीट प्रति मिनट पर आ गई था। जानकारी के अनुसार सरगुजा जिले के रहने वाले बच्चे को जन्मजात हार्ट ब्लॉक की समस्या थी। शुरू में तो पता नहीं चला लेकिन खेलकूद के दौरान हांफने लगा। बच्चे को बार-बार सर्दी-खांसी होती थी। बच्चे को सांस लेने में ज्यादा तकलीफ होने पर स्वजन ने शिशु रोग विशेषज्ञ को दिखाया तो पता चला कि हार्ट में ब्लॉकेज है। 31 दिसंबर को बच्चे को लेकर परिजन एसीआई में आए।

कार्डियोलाजी विभागाध्यक्ष डॉ. स्मित श्रीवास्तव ने बताया कि कैथलैब में फ्लूरोस्कोपी की सहायता से लेफ्ट सबक्लेवियन वेन को पंक्चर करके राइट वेंट्रिकल एपेक्स में पेसमेकर लीड डाला गया। बच्चा छोटा था इसलिए सुई को बड़े ध्यान से डालना जरूरी था। आपरेशन में पूरी सावधानी आवश्यक थी। थोड़ी सी असावधानी भारी पड़ सकती थी। यह बहुत ही कठिन कार्य था।

सुई और तार की साइज बड़ी रहती है इसलिए हार्ट को नुकसान होने की आशंका रहती है। पेसमेकर के तार को एक्स्ट्रा लूप डालकर छोड़ा जाता है क्योंकि बच्चे की उम्र जैसे-जैसे बढ़ेगी हार्ट की साइज भी बढ़ेगी। बच्चे की ऊंचाई भी बढ़ेगी इसलिए तार में खिंचाव आएगा। इसी को ध्यान में रखते हुए तार में एक्स्ट्रा लूप डालकर छोड़ा गया। अब बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ हैं और अस्पताल में भर्ती है। ऐसे आंबेडकर के डॉक्टरों ने पहले भी महत्वपूर्ण इलाज किये है।

डॉक्टरों का शुक्रगुजार :

मासूम के पिता ने कहा कि मैं उन सभी डाक्टरों का शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने बेटे की बीमारी को समय पर पहचान कर एसीआई में इलाज कराने में सहयोग किया। डाक्टर स्मित श्रीवास्तव ने मेरे बेटे की समय रहते जान बचाई और नया जीवन दिया है। इसके लिए उनको धन्यवाद देता हूं। दिल के सरकारी अस्पताल में मेरे मासूम बेटे को बेहतर उपचार मिला है। यह कठिन कार्य था।

डॉक्टरों की टीम में ये रहे शामिल :

मासूम को पेसमेकर लगाने वाले डाक्टरों की टीम में कार्डियोलाजी विभागाध्यक्ष डा. स्मित श्रीवास्तव के साथ डा. प्रतीक गुप्ता, कार्डियक एनेस्थेटिस्ट डा. तान्या छौड़ा, सीनियर टेक्नीशियन आइपी वर्मा, जितेन्द्र, खेम सिंग, नीलिमा, निशा, मेडिकल सोशल वर्कर खोगेन्द्र साहू एवं डेविड का विशेष सहयोग रहा। इसी टीम ने अम्बेडकर अस्पताल में पहले भी महत्वपूर्ण ऑपरेशन किये है।