रायपुर : सेजबहार स्थित दीक्षा सेल्स एंड मार्केटिंग के गोदाम से 500 बोरी नकली खाद जब्त करने के बाद अब तक दुकान की तलाशी तक नहीं ली गई है, जबकि कायदे से गोदाम में जब्ती के बाद दुकान की भी जांच कृषि विभाग द्वारा की जानी चाहिए। इतनी बड़ी मात्रा में नकली खाद मिलने के बावजूद सिर्फ नोटिस भेजकर खानापूर्ति की गई है। वहीं दीक्षा सेल्स एंड मार्केटिंग की खाद और कीटनाशक दवाओं के विक्रेता अमित शर्मा के विरुद्ध जिला कृषि विभाग ने नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर उपस्थित होकर नकली खाद के संबंध में जवाब प्रस्तुत करने के लिए कहा है।
वहीं स्थानीय लोगों के अनुसार दुकान पिछले दो-तीन साल से कभी खुली ही नहीं है। वहीं अफसर नियमित रूप से कीटनाशक और खाद सहित कृषि केंद्रों की जांच का दावा करते हैं। ऐसे में इस पूरे प्रकरण ने कृषि विभाग की कार्यशैली को ही कठघरे में खड़ा कर दिया है। इस मामले से सामने यही आ रहा है कि प्रशासनिक अमले ने लापरवाही बरती है।
अब तक नहीं पहुंचा व्यवसायी :
लाइसेंस लेने वाले व्यापारी अमित शर्मा के गोदाम में छापा पड़ने की सूचना विभाग ने मोबाईल में मैसेज के जरिए दे दिया है। विभाग ने मैसेज के साथ उसके गोदाम में मिली नकली खाद को लेकर जवाब भी मांगा, लेकिन व्यवसायी ने मैसेज लिखकर भेज दिया है कि उसके पिता की तबीयत खराब है और अभी वह नहीं आ पायेगा। विभाग इस सूचना के बाद बिलकुल शांत बैठ गया है।
दुकान की खाद को लगा सकते हैं ठिकाने :
गोदाम से जब्ती के बाद दुकान की जांच नहीं किए जाने से संदेह की स्थिति बनती है। वहीं उक्त दुकान में भी खाद का भंडारण मिल सकता है। ऐसे में मौके का फायदा भी व्यापारी उठा सकता है और उसे ठिकाने भी लगा सकता है। इसके बाद कार्यवाही के नाम पर भी कुछ नहीं हो पायेगा, जिसके कारण विभाग के अधिकारी भी संदेह के दायरे में आ रहे है।
रायपुर कृषि विभाग के उप संचालक राजेंद्र कश्यप ने कहा, नकली खाद वाले मामले में संबंधित व्यवसायी को नोटिस जारी किया गया है और तीन दिनों के भीतर उपस्थित होकर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।