सड़क पर नमाज पढ़ना ड्राइवर को पड़ा भारी; पुलिस ने किया गिरफ्तार।

बनासकांठा/पालनपुर (गुजरात) : कई बार लोगों की मूर्खता उन्हें भारी पड़ जाती है, नमाज अदा करना खुदा की इबादत का काम है, जो सम्मानजनक तरीके से मस्जिद अथवा एक स्वच्छ स्थान पर करना आवश्यक है। ऐसे ही सड़क पर नमाज पढ़ना एक ट्रक ड्राइवर के लिए महंगा साबित हुआ, दरअसल गुजरात पुलिस ने बनासकांठा जिले में सड़क पर नमाज पढ़ने करने के आरोप में एक ट्रक ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया, उस ड्राइवर की पहचान बाचा खान (37) के तौर पर की गई है। पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया है, जिसमें ड्राइवर पालनपुर शहर के पास एक चौराहे के किनारे खड़े अपने ट्रक के सामने नमाज अदा करता हुए दिख रहा है।

पुलिस ने बताया कि यह मामला 12 जनवरी को एक भीड़भाड़ वाले चौराहे के पास नेशनल हाईवे का है। जहां ट्रक ड्राइवर बाचा खान ने अपना ट्रक रोका और नमाज पढ़ना शुरू कर दी, इसी दौरान किसी शख्स ने वीडियो रिकॉर्ड करके उसे वायरल कर दिया। कई बार सड़क पर नमाज पढ़ने की घटनायें सामने आ जाती है, जिसको लेकर बवाल मचता है। सड़क पर वाहन खड़ा करने के कारण कई बार लोग दुर्घटना के शिकार भी हो जाते है। वीडियो वायरल होने के बाद इस मामले में पुलिस ने दखल दी है, बाचा खान के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की दफा  283 (सार्वजनिक रास्ते में खतरा), 186 (लोक सेवक को कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा डालना) और 188 (लोक सेवक द्वारा विधिवत आदेश की अवज्ञा) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

वीडियो वायरल होने के बाद लोग सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। किसी का कहना है कि ट्रक रोकने की वजह से यातायात में बाधा पैदा हुई तो कोई ट्रक ड्राइवर को ट्रैफिक के लिए जिम्मेदार ठहरा रहा है। लेकिन तस्वीर में साफ तौर पर नजर आ रहा है कि ड्राइवर, अपने ट्रक के आगे नमाज अदा कर रहा है। हालांकि, इस दौरान आवाजाही प्रभावित होती नजर नहीं आ रही है। बता दे कि, ये पहला मामला नहीं है, जब सड़क पर नमाज पढ़ने पर पुलिस ने एक्शन लिया है।

इसके पहले भी शाहजहांपुर में नेशनल हाईवे पर नमाज पढ़ रहे लोगों का पुलिस ने चालान काटा था। एक बस में सवार कुछ लोगों ने शाहजहांपुर रोड पर नमाज अदा की थी। इन सभी लोगों का पुलिस ने चालान काटा था। कई बार धार्मिक विरोध के चलते अलग-अलग धर्मों के लोग भी सड़क पर भीड़ इकट्ठी करके इनका विरोध करते है, जिससे साम्प्रदायिक बवाल भी मच जाता है। एहतियातन पुलिस को कार्यवाही करना जरुरी हो जाता है।