अयोध्या (उ.प्र.) : ऐसा माना जाता है कि जहाँ कोई धार्मिक अनुष्ठान अथवा धार्मिक कार्य होता है, वहां प्रकृति स्वयं स्वागत करती है, इसी तारतम्य में लगभग 700 सालों भगवान राम पुनः अयोध्या में विराजमान हो रहे है, और अचानक से पूरे देश के मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है, वहीँ बदलते मौसम के लेकर मौसम विभाग ने आने वाले दो-तीन में भारी बारिश की चेतावनी भी दी है। वहीँ मध्य भारत में ठण्ड काफी ज्यादा है, वहीँ मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की बॉर्डर पर पारा 6 डिग्री तक उतर गया है, यहाँ कड़ाके की ठण्ड पड़ रही है। जहाँ मध्य भारत में अचानक बदले मौसम में ठण्ड बढ़ने से लोग परेशान है और अपने घरों में रहना पसंद कर रहे है। वहीँ इस समय अयोध्या में इतिहास रचा जा रहा है, यहाँ रामभक्त भयंकर ठण्ड में प्रभु श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने अयोध्या पहुंचे है।
यूपी के कई जिलों समेत उत्तर भारत में चलने वाली 250 से 290 किलोमीटर प्रति घंटा रफ्तार वाली ठंडी हवा ने सर्दी को बढ़ा दिया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिन तक गलन और कोहरे से किसी भी तरह से राहत नहीं मिलने के आसार हैं। फिलहाल, 20 जनवरी से न्यूनतम तापमान के और कम होने की संभावना है। मौसम विभाग का अनुमान है कि उत्तर प्रदेश की कुछ जगहों पर 19 और 20 जनवरी को जबकि 21-23 जनवरी 2024 के दौरान अलग-अलग जगहों में शीत दिन से लेकर गंभीर शीत दिन रहने के आसार हैं।
जानकारी के अनुसार प्रशासनिक अमले ने यहाँ व्यवस्थाओं में कोई कमी नहीं की है, फिर भी कहीं ना कहीं इतनी शानदार व्यवस्था होने के बावजूद लोगों को परेशानी उठानी पड़ती ही है, वहीँ इस समय अयोध्या में बढ़ती ठण्ड राम भक्तों के लिये मुसीबत है, लेकिन रामभक्तों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, बल्कि वो खुद भी भक्ति की धारा में मस्त लगे हुये है। सरयू किनारे भक्तों के लिये टेंट बनाये गये है, धर्मशालाओं में शानदार व्यवस्था की गई है, लगातार धार्मिक अनुष्ठान और भजन के कार्यक्रम जारी है। इस ऐतिहासिक क्षण में शामिल होने देश विदेश के कई लोग अयोध्या आ चूके है, वहीँ भगवान राम के ससुराल नेपाल से भी कई रामभक्त अपने साथ उपहार भी लाये है।
अयोध्या में आज से बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है, उ.प्र. ATS ने सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद कर दी गई है, अयोध्या को दुल्हन की तरह सजाया गया है, रामायण की एक नई प्रति की भी चर्चा है, जिसकी कीमत 1 लाख 65 हजार रूपये है, इसमें संस्कृत में भी रामायण है और हिंदी में भी, इसके पन्ने आने वाले चार सौ सालों तक सुरक्षित रहेंगे। दुनिया सबसे बड़ा ताला भी अलीगढ़ से यहाँ भेजा गया है जिसका वजन 1200 किलो से भी ज्यादा है, ऐसी ही कई विविध वस्तुयें अयोध्या पहुंची है।