बनारस (उ.प्र.) : मुगल आक्रान्ताओं ने भारत के अधिकतर मंदिरों को तहस-नहस करके मस्जिदें तान दी थी, लेकिन हिन्दुओं ने कहा हमें सिर्फ अयोध्या का राम मंदिर, मथुरा का कृष्ण मंदिर और बनारस स्थित काशी विश्वनाथ का मंदिर दे दो, बाकी आप रखो, लेकिन इसका समाधान नहीं हुआ। अब भगवान राम के मंदिर का मुद्दा हल होने के बाद 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा राखी गई है, वहीँ अब वाराणसी स्थित ज्ञानवापी मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मस्जिद के वजूखाने की सफाई भी शुरू हो गई है। जिला प्रशासन द्वारा इस साफ-सफाई अभियान को शुरू किया गया है। साफ सफाई के लिए जिलाधिकारी वाराणसी ने 9 बजे से 11 बजे तक का समय दिया था। अभी सिर्फ वजूखाने की सफाई की गई है। साफ-सफाई कराने के दौरान पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई गई। वाराणसी के जिलाधिकारी ने इसकी अध्यक्षता की। मस्जिद में साफ-सफाई करने पहुंची 26 लोगों की टीम में सभी लोग नगर निगम वाराणसी के सफाई कर्मचारी शामिल रहे।
ज्ञानवापी के वजूखाने में साफ-सफाई शुरू :
साफ सफाई का निर्णय लेने से पूर्व गुरुवार को मां श्रृंगार गौरी केस के वादी पक्ष और अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी के पदाधिकारियों के साध जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने अलग-अलग बैठक की थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में 16 जनवरी को ज्ञानवापी परिसर में वजूखाने की सफाई का आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा कि वजूखाने की सफाई जिला प्रशासन की देखरेख में किया जायेगा। बता दें कि इसके बाद जिलाधिकारी ने दोनों पक्षों के साथ अलग-अलग बैठक की, जिसके बाद दोनों पक्षों की सहमति से तय हुआ था कि शनिवार की सुबह 9 बजे साफ सफाई का काम किया जायेगा। जो आज पूरा हो गया।
प्रशासन की निगरानी में हुई साफ-सफाई :
वजूखाने में मरी पड़ी मछलियों को और गंदगी को बाहर निकाला गया। इसके बाद जिंदा मछलियों को मस्जिद कमेटी के संयुक्त सचिव एसएम यासीन को सौंप दिया गया। बता दें कि पंप लगाकर वजूखाने में मौजूद सारे गंदे पानी को निकाला गया है। इसके बाद साफ सफाई कर चूने का छिड़काव किया गया। इस दौरान दोनों पक्षों के दो-दो प्रतिनिधि मौजूद रहें। लेकिन जो जाली लगाई गई, उसके भीतर किसी को भी जाने की अनुमति नहीं दी गई। बता दें कि वजूखाने में ही शिवलिंग जैसी आकृति है। हिंदू पक्ष का कहना है कि वह शिवलिंग है। लेकिन मुस्लिम पक्ष द्वारा लगातार इससे ऐतराज किया जा रहा है। अब इस मामले में लगातार सुनवाई सुप्रीमकोर्ट में चल रही है, इसके परिणाम भी जल्द ही सामने होंगे। वहीँ मथुरा के कृष्ण मंदिर सुनवाई भी चल रही है।