पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कोर्ट में आत्मसमर्पण, इस मामले में ली जमानत….।

रायपुर : पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम महादेव सत्ता एप में जुड़ चूका है, लेकिन यहाँ मामला दूसरा ही है। वर्ष 2022 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कोरोना के नियमों का उल्लंघन करने के आरोपी बन चुके प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को आत्मसमर्पण के बाद जमानत मिल गई है। पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। जिसमें कोर्ट ने उनको तलब किया था। अधिवक्ता की तरफ से भूपेश की आत्मसमर्पण याचिका दाखिल की गई थी। उस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को जमानत दे दी है। भूपेश समर्थकों के साथ सोमवार को गौतमबुद्ध नगर जिला न्यायालय पहुंचे थे।

अधिवक्ता रजनीश यादव ने बताया कि विधानसभा चुनाव के दौरान छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कांग्रेस प्रत्याशी पंखुड़ी पाठक के चुनाव प्रचार में नोएडा आए थे। भूपेश ने पंखुड़ी पाठक व अन्य कार्यकर्ताओं के साथ प्रचार किया था। इसी दौरान पुलिस ने महामारी अधिनियम के अंतर्गत केस दर्ज किया था। पूर्व मुख्यमंत्री उस समय कोर्ट में पेश नहीं हुए और न ही उन्होंने जमानत कराई। इसके बाद कोर्ट ने भूपेश को तलब किया।

सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ पंखुड़ी पाठक और अनिल यादव न्यायालय पहुंचे। जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान अधिवक्ता रजनीश ने कोर्ट में दलील दी कि भूपेश बघेल को राजनैतिक द्वेष में फंसाया गया है। उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है। उनकी वजह से कोई बीमारी नहीं फैली है। इस तर्क पर कोर्ट ने जमानत अर्जी स्वीकार की है। अब इस मामले से भूपेश जमानत पर है।