प्रधानमंत्री जनऔषधि केन्द्रों में मिलती हैं 90 फीसदी तक सस्ती दवाइयाँ, अब छत्‍तीसगढ़ के इन तीन रेलवे स्टेशनों पर खुलेंगे ये दवाई दुकान।

रायपुर : मरीजों को कम दाम में दवायें उपलब्ध करवाना, प्रधानमंत्री जनऔषधि केन्द्रों का कम है, ये वही दवाइयां है जिनका फार्मूला सभी कम्पनियाँ प्रयोग करती है, और अपने नाम से 10 गुना ज्यादा दाम पर बेचती है। उदहारण के लिये एक नामी कंपनी की इयर ड्रॉप का अधिकतम मूल्य 108/- है जबकि वही एक जैसी दवाई प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र में मात्र 11/- में उपलब्ध है, सिर्फ कंपनी के नाम का फर्क है।

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वहीँ आम मरीजों को राहत देने के लिये मोदी सरकार प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र चलाती है, जिसके तहत देश में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को सस्ती दवाइयां पहुंचाई जाती हैं। ये छोटे मेडिकल स्टोर जैसे होते हैं, जिन पर जेनेरिक दवाइयां सस्ते मूल्य पर मिलती हैं। इसके जरिए सरकार आर्थिक रूप से निम्नवर्गीय परिवारों तक स्वास्थ्य जरूरतों की पहुंच ज्यादा आसान करना चाहती है।

अब यही औषधि केंद्र छत्‍तीसगढ़ के तीन रेलवे स्टेशनों पर भी खोले जाएंगे। इनमें बिलसपुर डिवीजन का पेंड्रा रोड और जांजगीर का नैला और संबलपुर डिवीजन का बागबहारा रेलवे स्टेशन शामिल हैं। जनऔषधि केंद्र परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि देश में प्रथम चरण के 37 रेलवे स्टेशन पर प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र खोले जाएंगे, जिसमें प्रदेश के तीन रेलवे स्टेशन को शामिल किया गया है। उल्लेखनीय है कि जन औषिध केंद्रों पर जेनेरिक दवाएं मिलती है।

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बाजार में मिल रही नामी कंपनी की दवाओं के मुकाबले यहाँ दवायें 90 फीसदी तक सस्ती होती हैं। प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इसकी बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए ही अब रेलवे स्टेशनों पर ऐसे केंद्र खोलने का निर्णय लिया गया है। रेलवे स्टेशनों में करीब सवा सौ वर्ग फुट के क्षेत्र में जन औषधि केंद्र खोले जाएंगे। आम लोगों को भी इसके लिये जागरूक होना जरुरी है।

छत्तीसगढ़ में भी तीन रेलवे स्टेशनों पर जन औषधि केंद्र खुलेंगे। प्रदेश में 179 दुकानें हैं, लेकिन इनमें से केवल 67 ही संचालित है। 23 दुकानें बंद हो चुकी हैं, जबकि 89 निष्क्रिय है, इसका मुख्य कारण आम लोगों की इनके प्रति उदासीनता और विश्वास की कमी है, वहीँ कुछ लोग अपने परिजन अथवा मरीज को लेकर इलाज करवाने के लिये मजबूर भी होते है। वहीँ अब राज्य में सत्ता बदलने के बाद अधिकारियों का कहना है कि बंद दुकानों को खाेलने का प्रयास किया जा रहा है, जो जल्द ही शुरू होंगी।

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प्रधानमंत्री जनऔषधि योजना के राज्य समन्वयक अनिश वोडितेलवार ने कहा, तीन रेलवे स्टेशनों पर जनऔषधि केंद्र खोले जाएंगे, इससे यात्रियों के साथ-साथ अन्य लोगों को भी लाभ मिलेगा। प्रदेश में बंद दुकानों को संचालित करने का प्रयास किया जा रहा है। कुछ दुकानें संचालित भी होने लगी हैं। वहीँ अब मुख्यमंत्री ने भी डॉक्टरों को जेनेरिक दवायें लिखने के लिये कहा है।