रायपुर : छत्तीसगढ़ के संवेदनशील जिले कवर्धा के लालपुर कला गांव में गौ सेवक साधराम के हत्या के मामले की जांच अब NIA करेगी। इस मामले पर सीएम विष्णुदेव साय ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि, साधराम हत्याकांड की NIA जांच होगी। इस मामले को लेकर साधराम के परिजनों से सीएम श्री साय और गृह मंत्री विजय शर्मा ने बातचीत की है। वहीं गृह मंत्री विजय शर्मा और सीएम साय ने मैराथन बैठक के बाद ये निर्णय लिया है। झीरम कांड के बाद छत्तीसगढ़ में ये दूसरा मामला होगा जिसकी NIA जांच करेगी। इस मामले लगातार हिन्दू संगठन सरकार पर दबाव बनाते रहे है। अब सरकार ने भी इस पर ध्यान दिया है।
20 जनवरी को की थी हत्या :
अयोध्या में श्री राम मंदिर का उत्सव चल रहा था, वहीँ दहशत फ़ैलाने को लेकर बीते महीने एक गौ सेवक साधराम यादव की हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड के आरोप में पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। रविवार को पुलिस ने मुख्य आरोपी अयाज खान पर आंतकवादी संलिप्तता मे शामिल होने का खुलासा करते हुए। उसके खिलाफ UAPA के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि, मुख्य आरोपी अयाज खान के मोबाईल और लेपटॉप में कई ऐसे अहम सबूत मिले हैं। जो उसकी आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने की तरफ इशारा करते हैं। अब पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध UAPA के तहत मामला दर्ज कर लिया है। यह प्रदेश का पहला मामला होगा जिसमें UAPA एक्ट के तहत कार्यवाही हुई है। 20 जनवरी की देर रात आरोपियों ने साधराम की गला रेतकर हत्या कर दी थी। गिरफ्तार सभी 6 आरोपियों के खिलाफ आंतकवादी संलिप्तता के तहत कार्यवाही की गयी है। यह मामला सामने आने के बाद लोगों में काफी आक्रोश फ़ैल गया था।
एसपी पल्लव बोले : आतंकवादी गिरोहों से था संपर्क :
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इस मामले का खुलासा करते हुए एसपी अभिषेक पल्लव ने कहा कि, मुख्य आरोपी अयाज खान की जब सघन जांच की गई तो उसके मोबाईल, लैपटॉप और ट्रेवल हिस्ट्री से हमें पता चला कि, वह लगातार कश्मीर जाता-आता रहता था। उसका उठना-बैठना ऐसे लोगों के साथ था जो आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े हुए थे। हत्याकांड के मामले में कवर्धा एसपी अभिषेक पल्लव ने बताया था कि हत्या के मुख्य आरोपी अयाज खान और ईदरीस खान के खिलाफ आतंकवादी गतिविधि से संलिप्त होने के प्रमाण पाए गए हैं। पुलिस ने दोनों के खिलाफ सेक्शन 16 (यूएपीए) टेररिस्ट एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। उन्होंने आगे कहा कि, 22 जनवरी को राम मंदिर का उद्घाटन था।
ऐसे में इनका उद्देश्य हिंदू समुदाय को आतंकित करना था। साथ ही इनके हत्या करने का तरीका ISIS जैसे आतंकवादी संगठनों से मिलता जुलता है। ये सभी लोग रेडिकल थे और इनका उदेश्य भय कायम करना था। अब इन सभी आरोपियों खिलाफ आतंकवादी मामले में संलिप्तता के चलते एक और मामला दर्ज किया गया है। प्रदेश में इस तरह का यह पहला मामला है। वहीं UAPA लगने के बाद एक बार फिर साधराम हत्याकांड का मामला तुल पकड़ते हुए नजर आ रहा। इसमें हिंदूवादी संगठन लगातार सक्रिय है।
मुख्यमंत्री ने कहा-हर पहलू की जांच होगी :
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साधराम यादव के परिजनों से मुलाकात करने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस निर्दयता के साथ साधराम यादव की हत्या हुई। इस पर उच्च स्तरीय जांच होगी। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलें इसके लिए मामला एनआइए को सौपेंगे। हत्याकांड से ऐसा लगता है कि यह एक व्यक्ति की नहीं बल्कि विचारधारा की हत्या है। मुख्यमंत्री के इस प्रकार के वक्तव्य से कड़ी कार्यवाही का स्पष्ट संकेत है।
धारदार हथियार से गला रेतकर की गई थी हत्या :
जानकारी के मुताबिक सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र लालपुर कला गांव के नर्सरी के पास 20 जनवरी 2024 की रात एक अधेड़ व्यक्ति की लाश मिली थी। मृतक की पहचान साधराम यादव (50) के रूप में की गई थी, जो कि गोशाला में चरवाहा का काम करता था। इस हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर मामले का खुलासा करते हुए। मामले में पांच आरोपियों की गिरफ्तारी की थी। जानकारी के अनुसार साधराम रात को अपने घर जा रहा था, उसी समय नाबालिग आरोपी सहित 6 लोगों ने उसे घेरकर उसका सर तन से जुदा कर दिया था और सुबह साधराम की सरकटी लाश मिली थी।



