छ.ग. के स्कूल में लगी भयंकर आग, 4 साल की बच्ची की मौत, 300 से ज्यादा छात्रों का किया गया बचाव।

बीजापुर (छ.ग.) : आदिवासी बहुल बीजापुर जिले में एक सरकारी आवासीय विद्यालय में भयानक आग लगने से चार साल की एक बच्ची की मौत हो गई है। बालिका की पहचान लिपाक्षी के रूप में हुई है, जो स्कूल की छात्रा नहीं थी और वह पिछले कुछ दिनों से अपनी बड़ी बहन के साथ रह रही थी। लिपाक्षी की बड़ी बहन स्कूल की छात्रा है। इस घटना से छात्रों के परिजन सहम गये। स्कूल शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने यहां बताया कि बुधवार देर रात आवापल्ली पुलिस थाना क्षेत्र के चिंताकोंटा गांव में लड़कियों के लिए बनाये गए पोर्टा-केबिन (स्कूल के लिए पूर्वनिर्मित संरचना) स्कूल में आग लग गई थी। अधिकारी ने बताया, “पोर्टा केबिन के कर्मचारियों और स्थानीय ग्रामीणों द्वारा सभी 380 छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। बाद में पता चला कि एक छात्रा की छोटी बहन लापता है। उसकी जलने से मौत हो गई।” पोटा केबिन के स्टाफ और स्‍थानीय लोगोंं की मदद से आग बुझाने की कोशिश की गई। पोटा केबिन में आग लगने का कारण शार्ट सर्किट होना बताया जा रहा है।

मौके से बच्ची के जले हुए अवशेष मिले :

4 वर्षीय लिपाक्षी तीन-चार दिन पहले तीम्मापुर से पोटा केबिन अपनी बहन के साथ आई थी और तब से वो यहां रूकी हुई थी। घटना के दौरान वह सोई हुई थी। मौके से एक बच्ची के जले हुए अवशेष मिले हैं। अभी तक उसकी पहचान नहीं हो पाई है। माना जा रहा है ये उसी बच्ची का शव है। अधिकारी ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग की एक टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया गया। घटनास्थल के दृश्य और तस्वीरों से जानकारी मिली है कि केबिन की संरचना आग से पूरी तरह से जल गई है।

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उक्त घटना की जानकारी मिलते ही विभाग के अधिकारी घटनास्थल पहुंच गये थे। आवापल्ली थानाक्षेत्र के अंतर्गत चिंताकोंटा बालिका पोटा केबिन की यह घटना‌ है। बीजापुर कलेक्टर अनुराग पांडे भी घटना की जानकारी मिलते ही चिंताकोंटा बालिका पोटा केबिन पहुंचे थे। कलेक्टर संग जिले के अधिकारियों का दल भी घटनास्थल पहुंच गया था। बालिका पोटा केबिन में आग लगने के कारणों तथा विभागीय अधिकारियों का कोई बयान नहीं आया है। विभाग के अधिकारी इस मामले पर कोई स्पष्ट जानकारी नही दे रहे है। बाकी के बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।